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Wednesday, July 15, 2026

बांदा के पूर्व उपनिदेशक और लेखाधिकारी गिरफ्तार

बांदा, के एस दुबे । चित्रकूट के कर्वी में विशिष्ट मंडी परिषद के निर्माण कार्य में हुए करीब 8 करोड़ रुपये के भारी-भरकम घोटाले में बड़ी कार्रवाई सामने आई है। राज्य कृषि उत्पादन मंडी परिषद, बांदा के तत्कालीन उपनिदेशक अशोक कुमार और तत्कालीन सहायक लेखाधिकारी सतीश कुमार यादव को आर्थिक अपराध अनुसंधान संगठन ने गिरफ्तार कर लिया है। मंगलवार को ईओडब्ल्यू की टीम ने दोनों आरोपियों को बांदा स्थित भ्रष्टाचार निवारण विशेष न्यायालयमें पेश किया, जहां से माननीय न्यायालय ने उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। यह भ्रष्टाचार का मामला वर्ष 2014 का है। उस समय चित्रकूट के कर्वी में विशिष्ट मंडी स्थल के निर्माण का ठेका गाजियाबाद की एक निजी कंपनी श्मेसर्स ग्लेयर इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेडश् को दिया गया था। आरोप है कि तत्कालीन उपनिदेशक अशोक


कुमार और सहायक लेखाधिकारी सतीश कुमार यादव ने कार्यदायी संस्था के ठेकेदारों व अधिकारियों के साथ मिलकर एक सुनियोजित साजिश रची। इन अधिकारियों ने निर्माण कार्य का न तो कोई वास्तविक भौतिक सत्यापन (च्ीलेपबंस टमतपपिबंजपवद) किया और न ही वित्तीय परीक्षण कराया। इसके बावजूद कागजों पर अधिक माप दर्शाकर, गलत मूल्यांकन किया गया और नियमों को ताक पर रखकर सरकारी खजाने से 8 करोड़ रुपये से अधिक का अवैध अतिरिक्त भुगतान करा दिया गया।

इस बड़े गबन का खुलासा होने के बाद वर्ष 2019 में चित्रकूट के कर्वी कोतवाली में आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया था। शुरुआत में स्थानीय पुलिस ने मामले की जांच की, लेकिन तफ्तीश में कोई खास प्रगति नहीं हुई। इसके बाद वर्ष 2021 में शासन ने इस हाई-प्रोफाइल घोटाले की विवेचना आर्थिक अपराध अनुसंधान संगठन  लखनऊ को ट्रांसफर कर दी। ईओडब्ल्यू की टीम ने बारीकी से सभी वित्तीय दस्तावेजों, बैंक खातों और तकनीकी रिपोर्टों की गहन जांच की। जांच में भ्रष्टाचार और गबन के पुख्ता सबूत मिलने के बाद ईओडब्ल्यू ने दोनों मुख्य आरोपियों को लखनऊ से धर दबोचा। ईओडब्ल्यू के निरीक्षक एवं मामले के विवेचक नरेंद्र सिंह ने बताया कि अदालत के आदेश पर दोनों आरोपियों को जेल भेज दिया गया है। इस बहुचर्चित घोटाले में शामिल कुछ अन्य अधिकारियों और ठेकेदारों की भूमिका की जांच अभी जारी है, जल्द ही कुछ और बड़ी गिरफ्तारियां हो सकती हैं।


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