स्कूली बच्चों के साथ पहुंचे ग्रामीणों ने डीएम को सौंपा ज्ञापन
बांदा, के एस दुबे । बरसात की शुरुआत होते ही बांदा जनपद के ग्रामीण इलाकों में रास्तों की बदहाली को लेकर लोगों की परेशानियां बढ़ गई हैं। अतर्रा क्षेत्र के ग्रामीणों ने आज आवागमन की गंभीर समस्या को लेकर जिलाधिकारी को एक ज्ञापन सौंपा है। ग्रामीणों ने मांग की है कि जलभराव और दलदल बन चुके कच्चे मार्ग पर जल्द से जल्द गिट्टी और मोरम डलवाकर इसे चलने योग्य बनाया जाए। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क की बदहाली की वजह से लोगों का घरों से निकलना दूभर हो गया है और सबसे ज्यादा परेशानी स्कूली बच्चों को हो रही है।
जिलाधिकारी को दिए गए ज्ञापन के अनुसार, अतर्रा में केन कैनाल कार्यालय से लेकर नहर पटरी पर स्थित श्भूरा यादव का पुरवाश् तक लगभग एक किलोमीटर लंबा कच्चा मार्ग है। मानसून की बारिश के कारण यह पूरा रास्ता गहरे कीचड़ और दलदल में बदल चुका है, जिससे पैदल चलना भी नामुमकिन हो गया है। ग्रामीणों ने बताया कि आए दिन स्कूली बच्चे इस रास्ते पर फिसलकर गिर जाते हैं, जिससे उनके कपड़े खराब हो जाते हैं और वे समय पर स्कूल नहीं पहुंच पाते। इसके साथ ही, रोजमर्रा के जरूरी कामों और इलाज जैसी आपातकालीन सेवाओं के लिए भी एम्बुलेंस या अन्य वाहनों का इस रास्ते से गुजरना बेहद मुश्किल हो गया है। ग्रामीणों ने प्रशासन से पुरजोर मांग की है कि वर्तमान मौसम को देखते हुए तत्काल इस कच्चे मार्ग पर गिट्टी और मोरम का भराव कराया जाए, ताकि बच्चों की शिक्षा बाधित न हो और लोगों को सुरक्षित रास्ता मिल सके। ज्ञापन सौंपते समय प्रशासन को यह चेतावनी भी दी गई कि यदि सड़क को जल्द ठीक नहीं किया गया, तो पूरे बरसात के मौसम में आवागमन पूरी तरह ठप रहेगा, जिससे बच्चों का भविष्य प्रभावित होगा। जिलाधिकारी कार्यालय पर प्रदर्शन और ज्ञापन सौंपने के दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीणों के साथ स्कूली बच्चे भी मौजूद रहे। इस मौके पर मुख्य रूप से सिद्धार्थ सिंह, बाबूलाल, घनश्याम, रमेश, राजबहादुर, राजकिशोर, दादूराम, शिव प्रसाद, मुन्ना, हीरामन, और संतोष यादव सहित दर्जनों ग्रामीण उपस्थित रहे।


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