बांदा, के एस दुबे । जसपुरा विकासखंड की ग्राम पंचायत गड़रिया स्थित पूर्व माध्यमिक विद्यालय के प्रधानाचार्य के समय से विद्यालय न पहुंचने का कथित वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। वायरल वीडियो के अगले दिन प्रधानाचार्य द्वारा अभिभावकों से कथित तौर पर यह कहे जाने का भी एक वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रहा है कि "अगर शिक्षक 15 से 20 मिनट देर से आता है तो क्या फर्क पड़ता है।" इस कथित बयान के सामने आने के बाद ग्रामीणों और अभिभावकों में नाराजगी देखने को मिल रही है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि ग्राम पंचायत गड़रिया के पूर्व माध्यमिक विद्यालय और प्राथमिक विद्यालय में शिक्षकों के देर से आने की शिकायतें लंबे समय से मिलती रही हैं। उनका कहना है कि यदि कोई अभिभावक या ग्रामीण इस संबंध में
विरोध करता है तो उसे धमकाने का प्रयास किया जाता है। ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि शिकायतें खंड शिक्षा अधिकारी तक पहुंचने के बावजूद प्रभावी कार्रवाई नहीं होती। उनका दावा है कि कार्रवाई के नाम पर केवल औपचारिकता निभाई जाती है। वहीं कुछ स्थानीय लोगों ने खंड शिक्षा अधिकारी पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं कि शिकायतों के निस्तारण में अनियमितता बरती जाती है। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और बेसिक शिक्षा विभाग के उच्च अधिकारियों से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी पाए जाने वालों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है, ताकि विद्यालयों में समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित की जा सके।


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