विरोधों और शिकायतों के बाद भी नहीं थम रहा अवैध वसूली का सिलसिला
अवैध वसूली को लेकर चर्चा में आयी महोबा की पाण्डेय ग्रुप कंपनी
बांदा, के एस दुबे । जिला पंचायत के तहबाजारी शुल्क की आड़ में जनपद के सभी राजमार्गों में लूट का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। दो पहिया और चार पहिया वाहनों से खनिज परिवहन शुल्क के नाम पर रोजाना लाखों का वारा-न्यारा अवैध तरीके से हो रहा है। लगातार शिकायतों के बाद भी ना तो जिला पंचायत के अधिकारी और ना ही प्रशासन के द्वारा कोई कार्यवाही की जा रही है। जिससे ठेकेदार की फर्म पाण्डेय ग्रुप के दबंग कर्मचारियों के हौंसले लगातार बढ़ते ही जा रहे हैं। उधर इस संबंध में जब अपर मुख्य अधिकारी से बात करने की कोशिश की गयी तो उनके नंबर पर दो बार काल रिसीव नहीं हुयी। अब लोगो में चर्चा हो रही है कि योगी सरकार में
इस खुलेआम हो रही लूट पर कब रोक लगेगी। आप को बताते चलंे कि जिला पंचायत के खनिज तहबाजारी शुल्क का ठेका जब से महोबा की पाण्डेय ग्रुप कंपनी को मिला है। तभी से यह कंपनी लगातार विवादों के घेरे में बनी हुयी है। पिछले एक सप्ताह से मुख्य रूप से जसपुरा क्षेत्र के स्वीकृत बालू के डंपों से निकलने वाले वाहनों से खनिज परिवहन शुल्क के नाम पर खुुलेआम नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए वसूली की जा रही है। रात के समय जिला पंचायत के युवक ट्रैकों से चोरियां भी करते हैं सूत्रों का कहना है कि यह सब स्थानी पुलिस के मिली भगत से कर हो रहा एक सप्ताह के अंदर तीन ट्रैकों से लाखों रुपए की चोरी हुई है। वाहनों की रोक कर वसूली करने के बाद भी जब फर्म के कर्मचारियों का पेट नहीं भरा तो दो पहिया मोटर साईकिल और बोलेरो से अवैध वसूली करना शुरू कर दिया। जिसका वीडिया और फोटो सोशल मीडिया में लगातार वायरल होने के बाद भी जिम्मेदार अधिकारी मौन धारण किये हुये हैं। इसके अलावा गिरवां व नरैनी क्षेत्र के बिल्हरका नहर पुल, बरोली रोड नाका, चन्दोरा रोड पुंगरी से निकले वाले मध्य प्रदेश के लोडेड वाहनों से खनिज परिवहन शुल्क के नाम पर अवैध वसूली की जाती है। जबकि नियमतः खनिज परिवहन शुल्क उद्गम स्थल से ही होना चाहिए। लेकिन निमयों के रौंदते हुए पाण्डेय ग्रुप के कर्मचारियों के द्वारा लगातार अवैध वसूली की जा रही है। जो कि थमने का नाम ही नहीं ले रही है।


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