बांदा, के एस दुबे । दिल्ली के जंतर-मंतर पर लद्दाख के प्रसिद्ध समाजसेवी सोनम वांगचुक को पुलिस द्वारा हिरासत में लिए जाने की गूंज अब उत्तर प्रदेश के बुंदेलखंड इलाके तक पहुंच गई है। इस घटना के विरोध में आज बांदा जनपद के सैकड़ों युवाओं और छात्रों ने कलेक्ट्रेट परिसर में इकट्ठा होकर केंद्र सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया और राष्ट्रपति को संबोधित एक ज्ञापन प्रशासनिक अधिकारियों को सौंपा। प्रदर्शनकारी युवाओं ने सोनम वांगचुक की तत्काल रिहाई के साथ-साथ देश में लगातार हो रहे पेपर लीक मामलों को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की पुरजोर मांग की है। सोमवार को कलेक्ट्रेट परिसर में लगभग दो सौ से अधिक युवा हाथों
में तख्तियां और बैनर लेकर पहुंचे। सरकार विरोधी नारेबाजी करते हुए प्रदर्शनकारियों ने कहा कि जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण ढंग से अनशन कर रहे सोनम वांगचुक को हिरासत में लेना पूरी तरह से तानाशाही रवैया और लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन है। युवाओं ने मांग की कि उन्हें ससम्मान तुरंत रिहा किया जाए।सोनम वांगचुक की गिरफ्तारी के विरोध के साथ ही युवाओं ने देश की परीक्षा प्रणाली पर भी गंभीर सवाल उठाए। प्रदर्शन में शामिल छात्रों ने कहा कि देश में एक के बाद एक प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर लीक होने से देश के लाखों युवाओं का भविष्य अंधकार में लटक गया है।
केंद्र सरकार और शिक्षा मंत्रालय इस गंभीर संकट को रोकने में पूरी तरह विफल रहे हैं, इसलिए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को तुरंत अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए। युवाओं ने परीक्षा प्रणाली को पूरी तरह पारदर्शी, सुरक्षित और निष्पक्ष बनाने की मांग की है। कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन कर रहे युवाओं ने जिला प्रशासन के माध्यम से महामहिम राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजकर जल्द से जल्द इन मांगों पर संज्ञान लेने की अपील की। प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट लहजे में चेतावनी दी है कि यदि युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ बंद नहीं हुआ और सोनम वांगचुक को रिहा नहीं किया गया, तो इस आंदोलन को पूरे बुंदेलखंड और उत्तर प्रदेश में और अधिक व्यापक व उग्र किया जाएगा।


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