तिंदवारी /बांदा, के एस दुबे । नगर पंचायत तिंदवारी में सफाई व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। कस्बे में जगह-जगह लगे कूड़े के ढेर, जाम पड़ी नालियां और चारों तरफ फैलती गंदगी ने स्थानीय नागरिकों का जीना मुहाल कर दिया है। जिम्मेदार विभाग और नगर पंचायत प्रशासन की इस घोर लापरवाही के खिलाफ अब सामाजिक संगठनों ने खुद मोर्चा संभाल लिया है। तस्वीरें तब हैरान करने वाली सामने आईं जब दलित चेतना संघ के जिला अध्यक्ष राजेंद्र द्विवेदी अपने साथियों के साथ खुद हाथों में बेलचा और फावड़ा लेकर शंकर नगर की नालियों को साफ करने सड़क पर उतर आए। समाजसेवी राजेंद्र द्विवेदी ने बताया कि शंकर नगर और सब्जी मंडी में फैली अव्यवस्था को लेकर पिछले कई महीनों से नगर पंचायत के जनप्रतिनिधियों और आला अधिकारियों को मौखिक व लिखित रूप से
कई बार अवगत कराया गया, लेकिन जिम्मेदारों के कान पर जूं तक नहीं रेंगी। जिला अध्यक्ष दलित चेतना संघ राजेंद्र द्विवेदी कहा कि हल्की सी बारिश होते ही नालियों का गंदा और बदबूदार पानी लोगों के घरों में घुस जाता है। सब्जी मंडी में कूड़े का पहाड़ खड़ा हो चुका है, जिससे संक्रामक बीमारियों और मच्छरों का प्रकोप तेजी से बढ़ रहा है। जब प्रशासन सो गया, तो मजबूरी में हमें खुद सफाई के लिए आगे आना पड़ा।
शंकर नगर के स्थानीय निवासियों ने नगर पंचायत पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि सफाई कर्मचारी महीने में बमुश्किल एक या दो बार ही दिखाई देते हैं। सफाई न होने से केवल शंकर नगर ही नहीं, बल्कि पूरे तिंदवारी कस्बे की हालत बद से बदतर हो चुकी है। गंदगी के कारण हर समय महामारी फैलने का डर बना रहता है। कस्बे के समाजसेवियों द्वारा खुद नाली साफ करने और सब्जी मंडी का कूड़ा हटाने का वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद नगर पंचायत की कार्यप्रणाली पर बड़े सवाल खड़े हो रहे हैं। स्थानीय जनता में इस बात को लेकर भारी चर्चा है कि टैक्स वसूलने के बाद भी अगर जनप्रतिनिधि और अधिकारी काम नहीं करेंगे, तो जनता चुप नहीं बैठेगी। नागरिकों ने जिला प्रशासन से तिंदवारी में नियमित सफाई व्यवस्था बहाल करने की मांग की है और चेतावनी दी है कि यदि जल्द सुधार नहीं हुआ तो वे सड़कों पर उतरकर उग्र आंदोलन करेंगे।


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