बांदा, के एस दुबे । मानसून के मौसम के साथ ही जनपद बांदा में सब्जियों के दामों में भारी उछाल आया है, जिसने आम आदमी की रसोई का बजट पूरी तरह से बिगाड़ दिया है। स्थानीय मंडियों और फुटकर बाजारों में हरी सब्जियों से लेकर आलू, प्याज और टमाटर के भाव आसमान छू रहे हैं। थाली से गायब हुई हरी सब्जियांबाजार में भिंडी, शिमला मिर्च, बीन्स और बैंगन जैसी रोजमर्रा की सब्जियों की कीमतें आम जनता की पहुंच से बाहर होती जा रही हैं। फुटकर बाजार में कुछ सब्जियां 100 से 120 प्रति किलो के पार बिक रही हैं। वहीं, प्याज और टमाटर के बढ़ते दामों ने
भी मध्यमवर्गीय परिवारों की चिंता बढ़ा दी है। आवक घटने से बढ़े दाम सब्जी विक्रेताओं का कहना है कि बाहरी क्षेत्रों और स्थानीय स्तर पर अत्यधिक बारिश या मौसम के उतार-चढ़ाव के कारण मंडियों में सब्जियों की आवक काफी कम हो गई है। रास्ते बंद होने और परिवहन लागत बढ़ने का सीधा असर कीमतों पर दिख रहा है। सब्जियों के दाम दोगुने हो चुके हैं। पहले जो पैसे पूरे हफ्ते की सब्जी के लिए काफी होते थे, अब उनसे दो दिन की सब्जी भी नहीं आ पा रही है। महंगाई ने थाली का स्वाद छीन लिया है।


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