इस बार किसी भी बंदी की कलाई नहीं रही सूनी
सुरक्षा और सम्मान के साथ मनाया गया मंडल कारागार में पर्व
बांदा, के एस दुबे । उत्तर प्रदेश की योगी सरकार की संवेदनशीलता के चलते इस बार बांदा मंडल कारागार में रक्षाबंधन का पर्व बेहद अनोखे और भावुक माहौल में मनाया गया। सरकार के निर्देशों का पालन करते हुए जेल प्रशासन ने भाई-बहन के पवित्र रिश्ते का सम्मान करने के लिए खास इंतजाम किए थे। जेल परिसर के भीतर दूर-दराज से आने वाली बहनों के लिए एक विशेष पंडाल सजाया गया था। रंग-बिरंगे गुब्बारों और फूलों से महके जेल के आंगन में सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक राखी बांधने का सिलसिला चलता रहा। जेल की चहारदीवारी के पीछे अपनों से मिलने पहुंची बहनों के चेहरे पर सरकार की इस व्यवस्था को देखकर खुशी साफ झलक रही थी।
किसी भी बंदी की कलाई नहीं रही सूनी
इस बार रक्षाबंधन पर जेल प्रशासन ने संवेदनशीलता की एक नई मिसाल पेश की। जिन बंदी भाइयों की बहनें किन्हीं कारणों से जेल नहीं पहुंच सकीं या जिनकी बहनें नहीं हैं उनकी कलाई भी सूनी नहीं रही। जेल में बंद महिला बंदियों द्वारा अपने हाथों से बनाई गई राखियों को इन बंदियों की कलाई पर बंधवाया गया। इससे पूरा जेल परिसर पारिवारिक सौहार्द और आत्मीयता से सराबोर हो उठा।
सुरक्षा और सम्मान के साथ मना पर्व
बांदा मंडल कारागार के वरिष्ठ जेल अधीक्षक शशिकांत सिंह ने बताया कि जेल में वर्तमान में करीब 750 बंदी हैं। कहा की "जेल नियमों का पूरी तरह पालन करते हुए सुरक्षा और सम्मान के साथ यह पावन पर्व मनाया गया है। आज सैकड़ों बहनों ने कारागार पहुंचकर अपने भाइयों की कलाई पर रक्षासूत्र बांधा और उनके बेहतर भविष्य की कामना की।
बहनों ने किया योगी सरकार का गुणगान
जेल में सुरक्षा के साथ मिले इस सत्कार और सुदृढ़ व्यवस्था से गदगद होकर बहनों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और प्रदेश सरकार की जमकर तारीफ की। मुलाकात करने आई बहनों का कहना था कि सरकार के इस मानवीय कदम की वजह से वे इस कठिन परिस्थिति में भी अपने भाइयों को त्योहार की कमी महसूस नहीं होने देने में सफल रहीं।


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