सद्कर्म अपनाने से ही सुधरेगी स्थिति
चित्रकूट, सुखेन्द्र अग्रहरि : धर्मनगरी में चल रहे सत्संग कार्यक्रम में शनिवार को संत बाबा उमाकान्त महाराज ने कहा कि वर्तमान समय में लोगों के कर्म लगातार खराब होते जा रहे हैं, जिससे धरती और देवी-देवता भी दुखी हैं। उन्होंने कहा कि जीवों की हत्या और धरती पर बह रहे रक्त से पाप बढ़ रहा है। मनुष्य को अपने कर्मों पर विचार कर जीवों के प्रति दया और सद्भाव अपनाना चाहिए। बाबा उमाकान्त महाराज ने कहा कि समर्थ गुरु द्वारा नामदान के समय दिया जाने वाला ‘नाम’ अनमोल है। इसकी कोई कीमत नहीं लगाई जा सकती। उन्होंने बताया कि संतों के धरती पर आने का उद्देश्य जीवों को सही मार्ग दिखाना और उन्हें आध्यात्मिक साधना से जोड़ना है। उनके अनुसार नाम
शब्दरूप में भीतर सुनाई देता है और साधक इसी आंतरिक शब्द के माध्यम से आध्यात्मिक मार्ग पर आगे बढ़ता है। उन्होंने कहा कि जब धरती पर पाप बढ़ता है तो प्रकृति के माध्यम से चेतावनी भी मिलती है। भूकंप में पहाड़ों का खिसकना और धरती का हिलना इसी तरह की प्राकृतिक चेतावनी के रूप में देखा जा सकता है। उन्होंने लोगों से अपने आचरण पर विचार करने, पाप कर्मों से बचने और सद्मार्ग अपनाने का आह्वान किया। बाबा ने कहा कि जीवों के प्रति करुणा और अच्छे कर्मों से ही समाज में शांति और संतुलन स्थापित किया जा सकता है।


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