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Friday, August 21, 2026

अटेवा की ओपीएस तिरंगा यात्रा में गरजे शिक्षक-कर्मचारी

बड़ी संख्या में लोगों ने उठाई पुरानी पेंशन बहाली की मांग

फतेहपुर, मो शमशाद । सीमा पर डटे जवानों को पेंशन दो और एक दिन के सांसद-विधायक को पेंशन तो देश की रक्षा में जान कुर्बान करने वाले जवानों को क्यों नहीं? जैसे नारों से शुक्रवार को शहर की सड़कों पर तिरंगा यात्रा गूंज उठी। अटेवा पेंशन बचाओ मंच के तत्वावधान में भारत के सैनिकों के सम्मान और पुरानी पेंशन बहाली की मांग को लेकर ओपीएस तिरंगा यात्रा निकाली गई। यात्रा की शुरुआत नहर कॉलोनी में शिक्षक-कर्मचारियों के एकत्र होने से हुई। इसके बाद सभी पटेल नगर चैराहे पहुंचे, जहां सामूहिक रूप से जन गण मन और वंदे मातरम का गान किया। हाथों में तिरंगा झंडे और तिरंगा छाते लेकर शिक्षक-कर्मचारी भारत माता की जय के नारों के साथ वर्मा चैराहा,

तिरंगा यात्रा निकालते शिक्षक व कर्मचारी।

ज्वालागंज, सदर अस्पताल, पत्थरकटा चैराहा और विद्यार्थी चैराहा होते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचे। यहां मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपते हुए सीमा पर तैनात जवानों की पुरानी पेंशन बहाली की मांग उठाई गई। यात्रा में शामिल स्नातक विधायक झांसी खंड मान सिंह यादव ने कहा कि तिरंगा देश की आन, बान और शान का प्रतीक है। इसकी हिफाजत में देश के वीर सपूत अपने प्राणों का बलिदान देते हैं। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि एक दिन के सांसद या विधायक को कई-कई पेंशन मिल सकती हैं, लेकिन देश की रक्षा करते हुए शहीद होने वाले बीएसएफ, पैरामिलिट्री और सीआरपीएफ जवानों तथा दशकों तक सेवा करने वाले शिक्षक-कर्मचारियों को पेंशन से वंचित रखना कैसा सम्मान है। उप्र प्राथमिक शिक्षक संघ के अध्यक्ष विनोद सिंह ने कहा कि सरकार देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने का दावा करती है, लेकिन शिक्षक-कर्मचारियों के बुढ़ापे की सामाजिक सुरक्षा खत्म कर दी गई है। उन्होंने कहा कि ऐसी व्यवस्था पर सवाल उठना स्वाभाविक है, जो देश को आगे बढ़ाने वाले कर्मचारियों के भविष्य की सुरक्षा नहीं कर सके। नगर पालिका परिषद फतेहपुर के अध्यक्ष राजकुमार मौर्य एड. ने यात्रा में शामिल होकर अटेवा की मांग का समर्थन किया। अटेवा जिलाध्यक्ष निधान सिंह ने कहा कि 2004-05 से लागू एनपीएस व्यवस्था में शिक्षक-कर्मचारी अपने भविष्य को लेकर असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। उन्होंने सरकार से एनपीएस, यूपीएस और ओपीएस तीनों विकल्प देने की मांग करते हुए कहा कि कर्मचारी स्वयं तय करेंगे कि उनके लिए कौन सी व्यवस्था बेहतर है। तिरंगा यात्रा में पीडब्ल्यूडी नियमित वर्कचार्ज कर्मचारी संघ, कृषि मिनिस्ट्रियल एसोसिएशन, विशिष्ट बीटीसी वेलफेयर एसोसिएशन, जल निगम, स्वायत्तशासी कर्मचारी महासंघ नगर पालिका परिषद फतेहपुर, पोस्ट ऑफिस महासंघ, उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ (एकजुट), सेवायोजन संघ, कलेक्ट्रेट कर्मचारी महासंघ, उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ, स्वास्थ्य महासंघ, डिप्लोमा फार्मासिस्ट एसोसिएशन के पदाधिकारी व कर्मचारी मौजूद रहे। 


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