दो सप्ताह से अधिक खांसी को न करें नजरंदाज, सरकारी अस्पताल में कराएं जांच
फतेहपुर, मो शमशाद । टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत आईटीआई रोड स्थित निजी क्लीनिक एमबी मेमोरियल में गुरुवार को जागरूकता एवं पोषण आहार वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। जिला क्षयरोग अधिकारी डॉ. अशोक कुमार की अध्यक्षता में आयोजित कार्यक्रम में 11 टीबी मरीजों को पोषण आहार वितरित किया गया। वहीं, टीबी उन्मूलन अभियान में सहयोग के लिए क्लीनिक संचालक डॉ. पंकज सिंह को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के दौरान डॉ. पंकज सिंह ने ओपीडी में आए मरीजों को टीबी के लक्षणों और बचाव के प्रति जागरूक किया। उन्होंने बताया कि दो सप्ताह या उससे अधिक समय तक लगातार खांसी, बुखार, रात में पसीना आना, बलगम अथवा बलगम में खून आना, सीने में दर्द, वजन कम होना, भूख न लगना व गर्दन में
![]() |
| टीबी मरीजों को पोषण आहार देते जिला क्षय रोग अधिकारी व अन्य। |
गिल्टी या गांठ जैसे लक्षण टीबी के संकेत हो सकते हैं। ऐसे लक्षण दिखाई देने पर मरीज को लापरवाही न करते हुए नजदीकी सरकारी अस्पताल पहुंचकर बलगम की जांच करानी चाहिए। जांच में टीबी की पुष्टि होने पर सरकारी स्वास्थ्य केंद्र से निःशुल्क उपचार शुरू कराया जा सकता है। जिला क्षयरोग अधिकारी डॉ. अशोक कुमार ने बताया कि भारत सरकार की ओर से टीबी मरीजों को उपचार के दौरान पोषण के लिए प्रतिमाह एक हजार रुपये की सहायता दी जाती है। यह सुविधा सरकारी और निजी, दोनों स्तरों पर उपचार करा रहे पात्र मरीजों को उपलब्ध है। एसटीएस अजीत सिंह और पीपीएम राकेश कुमार ने बताया कि निक्षय पोषण योजना का लाभ लेने के लिए अब फेस वेरिफिकेशन कराना अनिवार्य कर दिया गया है। फेस वेरिफिकेशन के बाद पोषण सहायता की धनराशि लाभार्थी के बैंक खाते में डीबीटी के माध्यम से भेजी जाएगी। कार्यक्रम में टीबी मुक्त भारत अभियान को सफल बनाने के लिए लोगों से सहयोग की अपील करते हुए कहा गया कि सामूहिक प्रयासों से टीबी हारेगा, देश जीतेगा के संकल्प को साकार किया जा सकता है।


No comments:
Post a Comment