बांदा, के एस दुबे । जनपद बांदा के जसपुरा विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत रामपुर में लगातार हो रही भारी बारिश के चलते कई लोगों के मकान गिर गए हैं। मकान ढहने से प्रभावित परिवारों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है और उनके सामने रहने का संकट खड़ा हो गया है। ग्रामीणों का कहना है कि लगातार बारिश के कारण उनके मकान पूरी तरह ढह गए हैं और अब उनके पास रहने के लिए सुरक्षित जगह नहीं बची है। पीड़ित परिवारों ने सरकार और प्रशासन से जल्द सर्वे कराकर उचित मुआवजा तथा आवास की सुविधा उपलब्ध कराने की
मांग की है। पीड़ित सत्यनारायण द्विवेदी उर्फ राजन द्विवेदी ने बताया कि उनका मकान बुरी तरह क्षतिग्रस्त होकर गिर गया है और उनके पास रहने के लिए एक भी कमरा नहीं बचा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सूचना देने के बावजूद अभी तक हल्का लेखपाल द्वारा उनके मकान का सर्वे नहीं किया गया है।
इसी तरह सचिन तिवारी ने बताया कि बारिश में उनका मकान भी गिर गया, लेकिन अभी तक सर्वे नहीं किया गया है। वहीं चंदन तिवारी का कहना है कि उनका मकान गिरे दो-तीन दिन बीत चुके हैं, फिर भी लेखपाल सर्वे के लिए नहीं पहुंचे हैं। बारिश की मार झेलने वालों में सुंदर सोनकर, जो पैरों से दिव्यांग हैं, का मकान भी पूरी तरह ढह गया है। उनका कहना है कि सर्वे न होने के कारण उन्हें अभी तक किसी प्रकार की सहायता या मुआवजा नहीं मिल सका है। बाबूलाल पाल ने बताया कि अत्यधिक बारिश के कारण क्षेत्र के कई गांवों में मकान गिरने की घटनाएं हुई हैं। उन्होंने प्रशासन से प्रभावित परिवारों का तत्काल सर्वे कराकर राहत और मुआवजा दिलाने की मांग की है।
वहीं स्वर्गीय महेश पाठक का मकान भी पूरी तरह गिर गया। उनके दामाद सुनील द्विवेदी ने बताया कि मकान ढहने से उसमें संचालित चक्की कारखाना भी दब गया, जिससे परिवार को काफी आर्थिक नुकसान हुआ है। उन्होंने भी प्रशासन से नुकसान का सर्वे कराकर उचित मुआवजा देने की मांग की है। पीड़ित ग्रामीणों ने जिलाधिकारी एवं संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों से मांग की है कि गांव में तत्काल सर्वे कराकर सभी प्रभावित परिवारों को नियमानुसार आर्थिक सहायता, मुआवजा और जरूरतमंदों को आवास की व्यवस्था उपलब्ध कराई जाए, ताकि बारिश से बेघर हुए परिवारों को राहत मिल सके।


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