एनडीआरएफ और स्थानीय बचाव दलों ने संभाला मोर्चा
चित्रकूट, के एस दुबे : लगातार हो रही बारिश के कारण मंदाकिनी नदी का जलस्तर एक बार फिर बढ़कर 131.50 मीटर पहुंच गया है। जलस्तर बढ़ने से रामघाट सहित नदी किनारे बसे निचले इलाकों में पानी भर गया है। कई परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है, जबकि प्रशासन ने राहत और बचाव अभियान को और तेज कर दिया है। संवेदनशील क्षेत्रों में प्रशासन, पुलिस और आपदा प्रबंधन विभाग की टीमें लगातार निगरानी कर रही हैं।स्थिति की गंभीरता को देखते हुए एनडीआरएफ और स्थानीय बचाव दलों को तैनात किया गया है। नावों की मदद से जलभराव वाले इलाकों में फंसे लोगों को सुरक्षित निकाला जा रहा है। राहत दलों को निर्देश दिए गए हैं कि वे नदी किनारे और निचले क्षेत्रों में रहने वाले परिवारों को प्राथमिकता के आधार पर सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाएं। प्रशासन की ओर से प्रभावित लोगों के लिए राहत शिविरों में भोजन, पेयजल और आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था की गई है।
रसिन डैम के चार गेट खोले जाने के बाद बाणगंगा और बागेन नदी के किनारे बसे गांवों में भी सतर्कता बढ़ा दी गई है। जलस्तर में संभावित वृद्धि को देखते हुए प्रशासन ने नदी किनारे रहने वाले लोगों से सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की है। लोगों को अनावश्यक रूप से जलभराव वाले क्षेत्रों और नदी के आसपास जाने से रोकने के लिए पुलिस बल की तैनाती की गई है। राजस्व, पुलिस और आपदा प्रबंधन विभाग की टीमें प्रभावित इलाकों का लगातार जायजा ले रही हैं। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे गांवों में जाकर लोगों को स्थिति की जानकारी दें और जरूरत पड़ने पर तत्काल सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की कार्रवाई करें। प्रशासन ने ग्रामीणों से अफवाहों पर ध्यान न देने और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करने को कहा है।
जलभराव और विस्थापन के बीच स्वास्थ्य विभाग ने राहत कार्यों में तेजी लाई है। अरछा बरेठी में बनाए गए राहत शिविर में 110 विस्थापित लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों ने लोगों की जांच कर आवश्यक दवाएं वितरित कीं। शिविर में बुखार, संक्रमण, त्वचा संबंधी समस्याओं और जलजनित बीमारियों से बचाव के लिए लोगों को जागरूक किया गया। स्वास्थ्य विभाग ने राहत शिविरों में प्राथमिक उपचार की व्यवस्था के साथ स्वच्छ पेयजल और साफ-सफाई पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए हैं। स्वास्थ्यकर्मियों को बच्चों, बुजुर्गों और गर्भवती महिलाओं की नियमित जांच करने को कहा गया है। अधिकारियों ने बताया कि जलभराव वाले क्षेत्रों में बीमारियों की आशंका को देखते हुए स्वास्थ्य टीमों को तैयार रखा गया है और जरूरत के अनुसार अतिरिक्त चिकित्सा दल भेजे जाएंगे।
चित्रकूटधाम मंडल के मंडलायुक्त अजीत कुमार और पुलिस उपमहानिरीक्षक बांदा परिक्षेत्र राजेश एस ने भी मंगलवार को जनपद के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर जलभराव की स्थिति और प्रशासन की ओर से की जा रही व्यवस्थाओं का जायजा लिया। संबंधित अधिकारियों से राहत एवं बचाव कार्यों की जानकारी लेते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
इसी प्रकार जिलाधिकारी पुलकित गर्ग और पुलिस अधीक्षक अरुण कुमार सिंह ने रैन बसेरा तथा मंदाकिनी पुल का निरीक्षण किया। दोनों अधिकारियों ने राहत शिविरों, जलभराव वाले क्षेत्रों और प्रमुख मार्गों की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने संबंधित विभागों के अधिकारियों को प्रभावित परिवारों तक भोजन, पेयजल, दवाएं और अन्य जरूरी सामग्री समय पर पहुंचाने के निर्देश दिए। अधिकारियों ने बचाव कार्य में किसी भी तरह की लापरवाही न बरतने और नदी के जलस्तर पर लगातार नजर रखने को कहा। उन्होंने निर्देश दिया कि जलस्तर बढ़ने की स्थिति में लोगों को तत्काल चेतावनी दी जाए और जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त राहत शिविर तैयार किए जाएं। प्रशासन ने नावों, बचाव उपकरणों और आपातकालीन सेवाओं को भी तैयार रखने के निर्देश दिए हैं।
प्रशासन के साथ सामाजिक संगठनों ने भी राहत कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाई है। सद्गुरु सेवा संघ ट्रस्ट और जन एक्सप्रेस फाउंडेशन सहित कई संगठनों ने प्रभावित परिवारों को भोजन, पेयजल और दवाएं उपलब्ध कराईं। स्वयंसेवकों ने राहत शिविरों में पहुंचकर लोगों की जरूरतों की जानकारी ली और आवश्यक सामग्री वितरित की। सामाजिक संगठनों के कार्यकर्ताओं ने प्रभावित परिवारों को बच्चों के लिए जरूरी सामान, प्राथमिक उपचार सामग्री और स्वच्छता से जुड़ी वस्तुएं भी उपलब्ध कराईं। प्रशासन ने स्वयंसेवी संस्थाओं से राहत कार्यों में समन्वय बनाकर काम करने की अपील की है, ताकि जरूरतमंद परिवारों तक सहायता तेजी से पहुंचाई जा सके। इसी प्रकार समाजसेवी जगदीश प्रसाद गौतम ने भी राजापुर के बाढ़ प्रभावित इलाकों में पहुंचकर लोगों से उनकी समस्याएं जानी तथा उन्हें राहत सामग्री वतरित की। ग्रामीण क्षेत्रों में प्रशासन द्वारा पूर्व विधायक आनंद शुक्ला व युवा भाजपा नेता सुनील सिंह पटेल सहित अन्य जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी में प्रभावित परिवारों को राशन किट व लंच पैकेट वितरित किए गए। जिसके तहत चैरा गांव में 75 राशन किट और 500 फूड पैकेट वितरित किए गए। बाढ़ पीड़ितों को आवश्यक दवाएं उपलब्ध कराने के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से चिकित्सकीय टीम भी भेजी गई। वहीं नहरा गांव में 60 राशन किट बांटकर प्रभावित परिवारों को राहत सामग्री उपलब्ध कराई गई। जिला प्रशासन की ओर से बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं स्वास्थ्य सेवाओं की लगातार निगरानी की जा रही है।
अधिकारियों के अनुसार, मौसम और नदी के जलस्तर पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए एनडीआरएफ, स्थानीय बचाव दल, पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की टीमें तैयार रखी गई हैं। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे जलभराव वाले क्षेत्रों में जाने से बचें और बच्चों तथा बुजुर्गों को नदी या पानी से भरे स्थानों के पास अकेले न जाने दें। प्रशासन ने कहा है कि स्थिति पर नियंत्रण के लिए सभी विभागों के बीच समन्वय बनाया गया है। जलस्तर में किसी भी बदलाव की जानकारी लोगों तक समय पर पहुंचाई जाएगी। अधिकारियों ने नागरिकों से अपील की कि वे अफवाहों से बचें, प्रशासन के निर्देशों का पालन करें और किसी भी आपात स्थिति में तत्काल संबंधित अधिकारियों को सूचना दें।



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