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Tuesday, September 1, 2026

मुख्यमंत्री मत्स्य सम्पदा योजना और मत्स्य पालक कल्याण कोष पर जोर

डीएम ने दिए निर्देश गांव-गांव माइकिंग कराकर योजनाओं का करें व्यापक प्रचार

बांदा, के एस दुबे । जनपद में मत्स्य पालन को बढ़ावा देकर ग्रामीण क्षेत्रों में आय और रोजगार के अवसर सृजित करने के उद्देश्य से कलेक्ट्रेट सभागार में जिला स्तरीय कमेटी  की महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई। बैठक की अध्यक्षता करते हुए जिलाधिकारी  अमित आसेरी ने मुख्यमंत्री मत्स्य सम्पदा योजना और मत्स्य पालक कल्याण कोष की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए कि योजनाओं का पारदर्शी, निष्पक्ष और समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए ताकि कोई भी पात्र लाभार्थी वंचित न रहे।


बैठक के दौरान वित्तीय वर्ष 2026-27 के तहत पोर्टल पर प्राप्त ऑनलाइन आवेदनों की स्थिति, पात्रता/अपात्रता की जांच तथा पात्र आवेदकों के रैंडमाइजेशन की प्रक्रिया का जायजा लिया गया। जिलाधिकारी ने कहा कि मत्स्य पालन ग्रामीण अर्थव्यवस्था, पोषण और स्वरोजगार का एक प्रमुख स्तंभ है। इससे मछुआरों व स्थानीय कारीगरों/पालकों की आर्थिक स्थिति में व्यापक सुधार लाया जा सकता है। योजनाओं की पात्रता, आवेदन प्रक्रिया और मिलने वाले अनुदान की जानकारी ग्रामीणों तक सरल भाषा में पहुंचाने के लिए गांव-गांव में लाउडस्पीकर तथा स्थानीय माध्यमों से प्रचार-प्रसार कराया जाए। स्थानीय स्तर पर गुणवत्तापूर्ण मत्स्य बीजों की आपूर्ति बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया, जिससे पालकों को समय पर बीज मिल सके और उत्पादन में वृद्धि हो।

 तालाबों और जल निकायों के पट्टा आवंटन की प्रक्रिया को प्राथमिकता के आधार पर निपटाने के निर्देश दिए गए, ताकि पात्र मछुआरों को बिना किसी अनावश्यक विलंब के पट्टा मिल सके।  मत्स्य विक्रय, सुरक्षित परिवहन और स्वच्छता को बढ़ावा देने के लिए पात्रों को श्मोपेड विद आइस बॉक्सश् तथा हाथ ठेला/हथेली की सुविधा जल्द से जल्द मुहैया कराने को कहा गया। मत्स्य पालक कल्याण कोष के अंतर्गत पालकों को मिलने वाली चिकित्सा सहायता संबंधी योजनाओं का व्यापक प्रचार करने के निर्देश दिए गए ताकि जरूरतमंद इसका लाभ उठा सकें।

जिलाधिकारी अमित आसेरी ने जिला मत्स्य अधिकारी को निर्देशित किया कि वे निर्धारित लक्ष्यों की नियमित आधार पर निगरानी करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि विभागीय योजनाओं का लाभ सीधे धरातल पर पहुंचना चाहिए ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर बनें और मछुआरों का सामाजिक व आर्थिक जीवनस्तर बेहतर हो सके। बैठक में जिला स्तरीय कमेटी के सभी सदस्य और संबंधित विभागीय अधिकारी मौजूद रहे।


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