एडीएम ने रपटों व प्रभावित गांवों का लिया जायजा
नावों के संचालन और राशन आपूर्ति के निर्देश; अधिकारियों को 24 घंटे सतर्क रहने की ताकीद
बांदा, के एस दुबे । जनपद में बीते कुछ दिनों से हो रही मूसलाधार बारिश के चलते नदियों, नालों और रपटों पर जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। बाढ़ और जलभराव की संभावित आशंका को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गया है। जनसुरक्षा और राहत कार्य सुनिश्चित करने के उद्देश्य से अपर जिलाधिकारी कुमार धर्मेंद्र और उप जिलाधिकारी पैलानी ने संवेदनशील स्थलों का संयुक्त रूप से धरातलीय निरीक्षण किया। प्रशासनिक टीम ने तहसील पैलानी के अति-संवेदनशील ग्रामोंकृगौरी कला, अमारा, नांदा देव, पड़ोहरा, सिंधन कला, पैलानी डेरा तथा तहसील बबेरू अंतर्गत तिंदवारी-बबेरू मार्ग स्थित सिमौनी रपटा का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान
बढ़ते जलस्तर, मार्गों की स्थिति और ग्रामीण आबादी की सुरक्षा व्यवस्था का बारीकी से आकलन किया गया। सुरक्षित आवागमन के लिए नाव की व्यवस्थारू जिन गांवों के संपर्क मार्ग जलभराव के कारण पूरी तरह कट गए हैं या बाधित हुए हैं, वहां ग्रामीणों की आवाजाही के लिए तत्काल प्रभाव से नावों का प्रबंध कराया गया है।आवश्यक खाद्य सामग्री की आपूर्तिरू प्रभावित और संभावित बाढ़ग्रस्त इलाकों में राशन, पीने के पानी व दवाओं जैसी बुनियादी सामग्रियों की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित करने के कड़े निर्देश दिए गए हैं। जलमग्न या संवेदनशील रपटों से जोखिम उठाकर आवागमन करने वालों को रोकने के लिए पुलिस व राजस्व कर्मियों की तैनाती के निर्देश दिए गए हैं। एडीएम (वित्त एवं राजस्व) कुमार धर्मेंद्र ने संबंधित विभागीय एवं राजस्व अधिकारियों को स्पष्ट हिदायत दी कि जलस्तर पर 24 घंटे पैनी नजर रखी जाए। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए सभी विभाग आपसी समन्वय बनाकर काम करें। साथ ही प्रशासन ने स्थानीय नागरिकों से अपील की है कि वे उफान मार रहे नदी-नालों और जलभराव वाले इलाकों के पास न जाएं, बच्चों को पानी से दूर रखें और अनावश्यक आवागमन से परहेज कर पूरी सावधानी बरतें।


No comments:
Post a Comment