दस साल पुराने मामले में लीगल एड डिफेंस काउन्सिल की पैरवी लाई रंग
फतेहपुर, मो शमशाद । गैंगस्टर एक्ट के करीब दस साल पुराने मामले में लीगल एड डिफेंस काउन्सिल सिस्टम की प्रभावी पैरवी के चलते अभियुक्त को न्यायालय से बड़ी राहत मिली है। अपर सत्र न्यायाधीश कोर्ट नंबर-03/गैंगस्टर कोर्ट के पीठासीन अधिकारी सुभाष चंद्र मौर्य, एचजेएस ने सत्र परीक्षण में अभियुक्त को दोषमुक्त कर दिया। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण नई दिल्ली की विधिक सेवा स्कीम तथा उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण लखनऊ के तत्वावधान में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के लीगल एड डिफेंस काउन्सिल सिस्टम के माध्यम से अभियुक्त की ओर से निःशुल्क पैरवी की गई। मामला थाना धाता से संबंधित सत्र परीक्षण संख्या 29/2016 और अपराध संख्या 10/2016 का था, जिसमें धारा 2/3 गैंगस्टर एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था।
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| फैसला सुनाए जाने के पश्चात कोर्ट से बाहर आता आरोपी। |
मामले में धाता थाना क्षेत्र के भीटापर निवासी रामविलास उर्फ विलोस पुत्र अवधेश सोनकर अभियुक्त था। उसकी ओर से डिप्टी चीफ लीगल एड डिफेंस काउन्सिल शिव सौरभ मिश्र ने प्रभावी पैरवी की। सुनवाई के बाद न्यायालय ने अभियुक्त रामविलास उर्फ विलोस को आरोपों से दोषमुक्त कर दिया। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के लीगल एड डिफेंस काउन्सिल सिस्टम में चीफ लीगल एड डिफेंस काउन्सिल अमित कुमार तिवारी, डिप्टी लीगल एड डिफेंस काउन्सिल शिव सौरभ मिश्र, असिस्टेंट लीगल एड डिफेंस काउन्सिल अशोक कुमार और रोशनी कार्यरत हैं। अधिकारियों के अनुसार, जरूरतमंद अभियुक्तों को विधिक सेवा प्राधिकरण के माध्यम से निःशुल्क कानूनी सहायता उपलब्ध कराई जाती है। इसी क्रम में प्रभावी पैरवी के बाद रामविलास उर्फ विलोस को मामले में दोषमुक्त कराकर निःशुल्क न्याय दिलाया गया।


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