जसपुरा, गौरी, चंदवारा, नरौली समेत कई गांवों में बिना पर्याप्त योग्यता इलाज का आरोप
बांदा, के एस दुबे । जसपुरा क्षेत्र के ग्रामीण इलाकों में कथित झोलाछाप डॉक्टरों की बढ़ती संख्या को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि क्षेत्र में दर्जनों लोग बिना पर्याप्त चिकित्सकीय योग्यता के क्लीनिक और अस्पताल संचालित कर मरीजों का इलाज कर रहे हैं। इन दिनों वायरल बुखार के प्रकोप के बीच मरीजों से जांच, दवा और उपचार के नाम पर मनमानी रकम वसूलने के आरोप भी सामने आ रहे हैं। ग्रामीणों के मुताबिक जसपुरा, गौरी, चंदवारा, नरौली, कानाखेड़ा, आमरा, गड़रिया, सिकहुला समेत आसपास के गांवों में कई कथित झोलाछाप डॉक्टर सक्रिय हैं। आरोप है कि बीमारी की गंभीरता को समझे बिना मरीजों को लगातार दवाएं दी जाती हैं, जिससे मरीजों की परेशानी बढ़ने की आशंका बनी रहती है।
स्वास्थ्य विभाग की भूमिका पर भी सवाल
मामले में जसपुरा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के अधीक्षक की भूमिका को लेकर भी ग्रामीणों द्वारा आरोप लगाए जा रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में लंबे समय से कथित रूप से बिना मानकों के संचालित क्लीनिकों और अस्पतालों पर प्रभावी कार्रवाई नहीं हो रही है। कुछ लोगों ने आरोप लगाया कि इन संचालकों को संरक्षण प्राप्त होने के कारण कार्रवाई से बचाया जा रहा है। ग्रामीणों ने स्वास्थ्य विभाग के उच्चाधिकारियों से क्षेत्र में संचालित सभी निजी क्लीनिकों और अस्पतालों की जांच कराने, चिकित्सकों की योग्यता एवं पंजीकरण की जांच करने तथा नियमों का उल्लंघन मिलने पर कार्रवाई की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि स्वास्थ्य जैसी संवेदनशील व्यवस्था में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जानी चाहिए। सीएमओ कार्यालय में तैनात एक बाबू के संरक्षण से यह सब चल रहा है विभागीय जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि क्षेत्र में कितने प्रतिष्ठान मानकों के अनुरूप संचालित हो रहे हैं। जब इस संबंध में मुख्य चिकित्सा अधिकारी बांदा से संपर्क किया जाए तो उनका फोन ही नहीं रिसीव हुआ।


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