बबेरू/बांदा, के एस दुबे । बबेरू कस्बे के कमासिन रोड स्थित रामलीला मैदान में गुरुवार की रात से शुक्रवार की सुबह तक रामलीला के विभिन्न प्रसंगों का भव्य मंचन किया गया। इसमें सूपर्णखा का कुरूप होना, खर-दूषण-त्रिशिरा वध, रावण द्वारा सीता हरण तथा रावण और गिद्धराज जटायु के बीच युद्ध का सुन्दर मंचन देख कर दर्शक मंत्रमुग्ध हो गए। रामलीला का मंचन शुक्रवार की सुबह करीब पांच बजे तक चलता रहा। बता दें कि बबेरू कस्बे में रामलीला मंचन की परंपरा करीब 180 वर्षों से स्वामी वीर दास बाबा की अनुकंपा से चली आ रही है। हर वर्ष होने वाली इस ऐतिहासिक रामलीला में बड़ी संख्या में श्रद्धालु और दर्शक पहुंचकर भगवान श्रीराम की लीलाओं का
आनंद लेते हैं। गुरुवार की रात मंचन के दौरान सूपर्णखा प्रसंग के बाद भगवान श्रीराम और लक्ष्मण द्वारा खर-दूषण-त्रिशिरा वध का दृश्य प्रस्तुत किया गया। इसके बाद रावण द्वारा माता सीता के हरण और उन्हें बचाने के लिए गिद्धराज जटायु के संघर्ष का भावपूर्ण मंचन हुआ। कलाकारों ने अपने अभिनय से रामायण के प्रसंगों को जीवंत कर दिया। राम की भूमिका तन्मय पाण्डेय, लक्ष्मण का राघव पाण्डेय, सीता का रुद्र मिश्रा, सूपर्णखा का बुद्धसेन अग्रहरी, रावण का रविशंकर पाण्डेय, खर एवं गिद्धराज का दिलीप सोनी तथा दूषण की भूमिका आदित्य सिंह गौतम ने निभाई। सभी कलाकारों ने शानदार अभिनय कर दर्शकों की खूब वाहवाही बटोरी। इस मौके पर रामलीला समिति के प्रबंधक नीरज पाण्डेय, अध्यक्ष दुर्गेश सिंह गौतम, कोषाध्यक्ष शिवमोहन यादव, शिव प्रकाश मलिक, सुनील तिवारी, गोरेलाल मिश्रा, जगत नारायण चतुर्वेदी सहित समिति के अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे। सैकड़ों की संख्या में दर्शकों ने देर रात तक रामलीला का आनंद लिया। वहीं, सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए बबेरू कोतवाली पुलिस बल भी मौके पर मौजूद रहा।


No comments:
Post a Comment