चित्रकूट, सुखेन्द्र अग्रहरि : कृषि उत्पादकता बढ़ाने के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्यों के लिए चित्रकूट को भारत सरकार के कृषि एवं किसान कल्याण विभाग ने श्रेष्ठता प्रमाणपत्र देकर सम्मानित किया है। प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना के अंतर्गत सोमवार को नई दिल्ली में आयोजित कार्यक्रम में केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने जिलाधिकारी पुलकित गर्ग को यह प्रमाणपत्र प्रदान किया। जिले में कृषि उत्पादकता में वृद्धि के आंकड़े इस उपलब्धि की तस्वीर पेश करते हैं। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, कुल उत्पादकता 132.31 से बढ़कर 139.09 क्विंटल प्रति हेक्टेयर हो गई है। इसमें 5.12 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। खास बात यह है कि अलसी की उत्पादकता में सर्वाधिक 33.48 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। इसके अलावा मटर, तोरिया, गेहूं और सरसों की
उत्पादकता में भी वृद्धि दर्ज की गई है। हालांकि चने की उत्पादकता में 20.65 प्रतिशत की गिरावट सामने आई है, जो इस फसल पर विशेष ध्यान देने की जरूरत बताती है। सम्मान समारोह में उप कृषि निदेशक जीत लाल गुप्ता, कृषि विज्ञान केंद्र गनीवां के वैज्ञानिक उत्तम त्रिपाठी, वरिष्ठ प्राविधिक सहायक ग्रुप-ए डॉ. रंजीत सरोज और किसान नथुराम मौजूद रहे। जिलाधिकारी पुलकित गर्ग के नेतृत्व में कृषि विकास, वैज्ञानिक पद्धतियों को प्रोत्साहन और किसानों तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने के प्रयास किए जा रहे हैं। कृषि विभाग के अधिकारियों और कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिकों की भूमिका भी महत्वपूर्ण रही है। जिले में खेती को अधिक उत्पादक और लाभकारी बनाने के लिए कृषि संबंधी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर दिया जा रहा है। यह सम्मान किसानों, कृषि विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों और कृषि क्षेत्र से जुड़े सभी हितधारकों के लिए उत्साहवर्धक है। साथ ही, फसलवार उत्पादकता में अंतर यह संकेत देता है कि जिन फसलों में गिरावट है, उनके लिए वैज्ञानिक सलाह, बेहतर कृषि प्रबंधन और तकनीकी सहयोग को और मजबूत करना होगा। जिला प्रशासन ने कृषि क्षेत्र के सतत विकास, उत्पादन बढ़ाने और किसानों की आय में वृद्धि के प्रयास जारी रखने की प्रतिबद्धता जताई है।


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