निर्माण की गुणवत्ता पर उठे सवाल
चित्रकूट, सुखेन्द्र अग्रहरि : विकासखंड मऊ में करोड़ों रुपये की लागत से कराया गया रुर्बन उद्यमिता प्रशिक्षण विकास केंद्र का निर्माण कार्य पूरा होने के कुछ ही समय बाद सवालों के घेरे में आ गया है। करीब 5.44 करोड़ रुपये की लागत से बने भवन में जगह-जगह टाइल्स टूटने, दीवारों और छत में दरारें आने तथा लाइट के पैनल गिरने की शिकायत सामने आई है। मामूली बारिश में ही कमरों में पानी भरने से भवन की निर्माण गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। श्यामा प्रसाद मुखर्जी रुर्बन मिशन के तहत ग्राम पंचायत मऊ में वित्तीय वर्ष 2021-22 में इस भवन का निर्माण कराया गया था। अभिलेखों के अनुसार कार्यदायी संस्था उत्तर प्रदेश राजकीय निर्माण निगम लिमिटेड
द्वारा नवंबर 2021 से नवंबर 2022 में कार्य पूरा कराया गया था। कार्य की स्वीकृत लागत 544.11 लाख रुपये बताई गई है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि भवन में लगाए गए पत्थर और टाइल्स कई स्थानों पर अपने आप उखड़कर गिर रहे हैं। कई टाइल्स टूट चुकी हैं। भवन में लगी लाइट और उनके पैनल भी खराब होने के साथ नीचे गिरने लगे हैं। बारिश के दौरान छत और अन्य हिस्सों से पानी आने के कारण कमरों में जलभराव की स्थिति बन जाती है। भवन की दीवारों और छत में दरारें दिखाई देने से इसकी मजबूती को लेकर भी चिंता जताई जा रही है। लोगों का कहना है कि निर्माण के दौरान गुणवत्ता की निगरानी ठीक से नहीं हुई, जिसका खामियाजा अब सरकारी धन से बने भवन को भुगतना पड़ रहा है। मामले में जिम्मेदारों से जांच और दोषी मिलने पर कार्रवाई की मांग की गई है। इस संबंध में खंड विकास अधिकारी संजय पांडेय ने बताया कि भवन का निर्माण उनके कार्यकाल से पहले हुआ है। उन्होंने कहा कि संबंधित ठेकेदार को पत्र लिखकर मामले की जानकारी ली जाएगी। निर्माण की गुणवत्ता की जांच कराकर नियमानुसार कार्रवाई की जरूरत है।


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