गन्ने का मूल्य पांच सौ रूपए प्रति क्विंटल करने समेत उठाई छह मांगे
फतेहपुर, मो शमशाद । भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक) के जिलाध्यक्ष राजकुमार सिंह गौतम के नेतृत्व में किसानों की विभिन्न समस्याओं को लेकर मुख्यमंत्री के नाम जिलाधिकारी के माध्यम से ज्ञापन भेजा गया। ज्ञापन में किसानों की आय, फसल लागत और प्राकृतिक आपदाओं से हुए नुकसान को देखते हुए सरकार से तत्काल प्रभावी कदम उठाने की मांग की गई। ज्ञापन में कहा गया कि उत्तर प्रदेश में गन्ना केवल एक फसल नहीं, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। प्रदेश के करीब 48 लाख गन्ना किसान परिवार प्रत्यक्ष रूप से इससे जुड़े हैं। कृषि मजदूरों, परिवहन, चीनी मिलों, कोल्हू एवं गुड़ उद्योग सहित लाखों लोगों की आजीविका भी गन्ने पर निर्भर है। वहीं डीजल,
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| कलेक्ट्रेट में ज्ञापन सौंपते भाकियू अराजनैतिक के पदाधिकारी। |
खाद, कीटनाशक, सिंचाई और कृषि मजदूरी की लागत लगातार बढ़ रही है, जबकि गन्ने के मूल्य में लागत के अनुरूप वृद्धि नहीं हुई है। किसान यूनियन ने गन्ने का राज्य परामर्शी मूल्य बढ़ाकर पांच सौ रूपए प्रति क्विंटल किए जाने की मांग की है। साथ ही किसानों को समय से भुगतान सुनिश्चित करने की मांग उठाई गई। ज्ञापन में हाल की असमय बारिश और तेज हवाओं से धान, उड़द, मूंग सहित अन्य फसलों को हुए नुकसान का गांववार सर्वे कराकर प्रभावित किसानों को शीघ्र मुआवजा देने की मांग की गई। किसानों ने आलू कोल्ड स्टोर के किराए में राहत देने तथा सरकार द्वारा कोल्ड स्टोरेज में आलू भंडारण की व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की। इसके अलावा आलू के बीज की बढ़ती कीमतों पर चिंता जताते हुए सस्ता और गुणवत्तापूर्ण बीज उपलब्ध कराने की मांग की गई है। किसान यूनियन ने बटाई पर खेती करने वाले किसानों की समस्याओं को भी ज्ञापन में प्रमुखता से उठाया। मांग की गई कि ग्राम पंचायत, लेखपाल एवं कृषि विभाग के संयुक्त सत्यापन से वास्तविक खेती करने वाले किसानों की पहचान कर उन्हें भी फसल नुकसान और सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाया जाए। यूरिया व डीएपी की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने की मांग की। ज्ञापन देने वालों में प्रदीप सिंह चौहान, अंकित सिंह, महेंद्र सिंह भदौरिया, छोटे सिंह, सोनू सिंह, उमेश सिंह, अजय सिंह, विकास सिंह, अजय प्रजापति, शिव बदन सिंह, दिनेश सिंह आदि मौजूद रहे।


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