बबेरू/बाँदा, के एस दुबे । बबेरू कस्बे की ऐतिहासिक रामलीला के पांचवें दिन शुक्रवार व शनिवार की मध्य रात्रि में धनुष यज्ञ,रावण-बाणासुर संवाद और लक्ष्मण-परशुराम संवाद का भव्य मंचन किया गया। पिछले 180 वर्षों से स्वामी वीरदास बाबा की अनुकंपा से निरंतर आयोजित हो रही इस रामलीला में स्थानीय और बाहरी कलाकार अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर रहे हैं। कार्यक्रम की शुरुआत पेटू राजा की बारात से हुई। पेटू राजा का अभिनय कर रहे राजेंद्र मिश्रा ने अपने शानदार अभिनय से दर्शकों को खूब गुदगुदाया। इसके बाद रावण-बाणासुर संवाद का आकर्षक मंचन किया गया। सीता स्वयंवर के दौरान देश-विदेश से आए राजा भगवान शिव के धनुष को उठाने में
असफल रहे। अंत में भगवान श्रीराम ने धनुष उठाकर जैसे ही उसे तोड़ा, पूरा रामलीला पंडाल जय श्रीराम के जयघोष से गूंज उठा। इसके बाद श्रीराम और माता सीता का जयमाला कार्यक्रम संपन्न हुआ। वहीं, लक्ष्मण-परशुराम संवाद ने दर्शकों को विशेष रूप से आकर्षित किया। कलाकारों ने अपने दमदार अभिनय से उपस्थित दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। रामलीला के दौरान सैकड़ों दर्शकों में उत्साह देखने को मिला। नृत्य कलाकार देव कुमार, संजना रानी और अन्नू रानी ने अपनी प्रस्तुतियों से कार्यक्रम में चार चांद लगा दिए। इस दौरान भगवान श्रीराम का अभिनय तनमय पांडेय, लक्ष्मण का राघव पांडेय, माता सीता का रुद्र मिश्रा, विश्वामित्र का चंद्रपाल द्विवेदी, परशुराम का अवधेश गौतम, राजा जनक का अनुराग द्विवेदी, रावण का रविशंकर पांडेय, बाणासुर का शिवा स्वर्णकार और पेटू राजा का अभिनय राजेंद्र मिश्रा ने किया। कलाकारों की शानदार प्रस्तुतियों ने रामलीला को यादगार बना दिया।


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