चित्रकूट, सुखेन्द्र अग्रहरि : सीतापुर स्थित राष्ट्रीय रामायण मेला परिसर में शनिवार को दो दिवसीय जागृत लक्ष्मी साधना शिविर का शुभारंभ भव्य शोभायात्रा के साथ हुआ। शिविर में शामिल होने के लिए देशभर से हजारों साधक पहुंचे। दोपहर में गुरुदेव नंदकिशोर श्रीमाली ने उद्बोधन दिया और चित्रकूट की धार्मिक महिमा के साथ कामदगिरि पर्वत की परिक्रमा का महत्व बताया। गुरुदेव ने भगवान श्रीराम, माता सीता, लक्ष्मण, भरत और शत्रुघ्न से जुड़े रामचरितमानस के प्रसंगों का उल्लेख किया। साथ ही हनुमान जी की महिमा और उनके सेवा भाव पर प्रकाश डालते
हुए साधकों को आध्यात्मिक मार्ग पर आगे बढ़ने की प्रेरणा दी। शाम पांच बजे रामघाट पर गंगा पूजन के बाद कलश में जल भरकर निर्मोही अखाड़े से भव्य कलश यात्रा निकाली गई। यात्रा में हाथी, घोड़े और गाजे-बाजे आकर्षण का केंद्र रहे। यात्रा रामघाट से शुरू होकर राष्ट्रीय रामायण मेला परिसर पहुंची। इसके बाद गुरु पूजन और दीक्षा कार्यक्रम शुरू हुआ। शिविर में साधकों को महाकाली दीक्षा, सर्व बाधा निवारण हनुमान दीक्षा और जागृत महालक्ष्मी दीक्षा प्रदान की जाएगी। कुछ दीक्षाएं शक्तिपात के माध्यम से भी दी जाएंगी।


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