पिछड़ा वर्ग का दर्जा और 2027 चुनाव में बांदा सदर से टिकट की मांग
बांदा, के एस दुबे । अयोध्यावासी वैश्य समाज के पदाधिकारियों ने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को संबोधित एक महत्वपूर्ण ज्ञापन सपा के बांदा जिलाध्यक्ष उमेश यादव को सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से समाज ने अपनी वर्षों पुरानी लंबित मांगों को उठाते हुए आगामी 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर अपनी भावी रणनीति भी स्पष्ट की। ज्ञापन में कहा गया कि अयोध्यावासी वैश्य समाज का लगभग 85 प्रतिशत तबका बेहद गरीब है, जो रिक्शा चलाकर, ठेला लगाकर, मजदूरी और फेरी-रेहड़ी के जरिए अपना जीवकोपार्जन करता है। पदाधिकारियों ने ध्यान दिलाया कि देश के कई अन्य राज्यों में इस समाज को श्अवधवालश् और श्अवध बनियाश् के नाम से पिछड़ा वर्ग का दर्जा प्राप्त है। समाज ने मांग की कि अखिलेश यादव यह विश्वास दिलाएं कि
प्रदेश में समाजवादी पार्टी की सरकार बनने पर उत्तर प्रदेश में भी अयोध्यावासी वैश्य समाज को पिछड़ा वर्ग का दर्जा प्रदान किया जाएगा। राजनीतिक हिस्सेदारी की मांग करते हुए समाज के प्रतिनिधियों ने कहा कि विधानसभा सीट 235-बांदा सदर में अयोध्यावासी वैश्य समाज के लगभग 60 हजार मतदाता हैं, जबकि पूरे बांदा-चित्रकूट लोकसभा क्षेत्र में इस समाज की आबादी डेढ़ लाख के करीब है। समाज की इस भारी संख्या को देखते हुए आगामी 2027 के विधानसभा चुनाव में बांदा सदर सीट से अयोध्यावासी वैश्य समाज के प्रतिनिधि को सपा का प्रत्याशी बनाया जाए। पदाधिकारियों ने भरोसा दिलाया कि यदि उनकी जायज मांगों पर सकारात्मक निर्णय लिया जाता है, तो पूरा समाज 2027 के चुनाव में गोलबंद होकर समाजवादी पार्टी के पक्ष में मतदान करेगा। सपा जिलाध्यक्ष को ज्ञापन प्रेषित करने के दौरान प्रमोद गुप्ता राजा, वीरेंद्र गुप्ता बाबू, राजेंद्र गुप्ता प्रकाश, वृंदावन वैश्य, हिमांशु वैश्य, राहुल गुप्ता, गुलशन, राजकुमार राजू, रामेश्वर गुप्ता, जमुना गुप्ता, राकेश गुप्ता, अमित गुप्ता मनीष, विनय गुप्ता और रामबाबू गुप्ता सहित समाज के दर्जनों पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित रहे।


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