पैलानी/ बांदा, के एस दुबे । पैलानी क्षेत्र के रामपुर गांव निवासी संत प्रेमानंद महाराज रविवार रात हृदय संबंधी परेशानी के चलते ब्रह्मलीन हो गए। उनके निधन की खबर मिलते ही क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। मंदिर परिसर में साधु-संतों और ग्रामीणों की मौजूदगी में उन्हें समाधि दी गई। अंतिम दर्शन के लिए हजारों श्रद्धालु पहुंचे और नम आंखों से उन्हें श्रद्धांजलि दी। बताया गया कि संत प्रेमानंद महाराज सिद्ध महात्मा के रूप में क्षेत्र में प्रसिद्ध थे। उन्होंने चारों धाम की पैदल यात्रा की थी। कानपुर, हरियाणा, पंजाब सहित कई राज्यों में उनके हजारों शिष्य बताए
जाते हैं। वे विभिन्न मंदिरों में पूजा-अर्चना करते थे। अंतिम विदाई में बुंदेलखंड संगठन अध्यक्ष विनय तिवारी, ग्राम पंचायत सचिव अरुण कुमार सिंह, भाजपा प्रभारी नारायण सिंह, सरवन द्विवेदी, आबकारी ठेकेदार राजन पांडे, शिक्षामित्र भगत सिंह, क्षेत्र पंचायत सदस्य संतोष यादव, लल्लू राम प्रजापति, सुंदर तिवारी, बूथ अध्यक्ष जितेंद्र मिश्रा, जगत नारायण त्रिपाठी सहित सैकड़ों ग्रामीण मौजूद रहे। महाराज के भतीजे दीपक मिश्रा ने बताया कि संत प्रेमानंद महाराज कभी किसी से एक रुपये की मांग नहीं करते थे। वह ओंकारेश्वर मंदिर में पूजा-अर्चना करते थे और अपना जीवन साधना में समर्पित किए रहे।


No comments:
Post a Comment