पूर्व में भी प्रधान पर सरकारी धन के गबन करने सहित आधा दर्जन से अधिक मुकदमे दर्ज है
महाराष्ट्र में भी मुकदमे पंजीकृत है।
बांदा, के एस दुबे । जसपुरा विकासखंड की ग्राम पंचायत सबादा में ग्राम प्रधान पर सरकारी धनराशि के कथित दुरुपयोग को लेकर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। शिकायत में आरोप है कि प्रधान ने अपने कुछ रिश्तेदारों के बैंक खातों में भी सरकारी धनराशि भेजकर बाद में उसे निकलवाया। शिकायतकर्ता का कहना है कि संबंधित रिश्तेदारों का न तो संबंधित कार्यों से कोई लेना-देना था और न ही उन्होंने किसी प्रकार की ठेकेदारी या निर्माण कार्य कराया। मामले में प्रधान के एक रिश्तेदार से बातचीत होने का भी दावा किया गया है। आरोप है कि रिश्तेदार ने बताया कि प्रधान उसके खाते में रकम भेज देते थे और बाद में आकर कहते थे कि खाते में इतना पैसा डाला गया है, उसे निकालकर उन्हें दे दिया जाए। रिश्तेदार के मुताबिक कथित तौर पर यह प्रक्रिया एक बार नहीं, बल्कि कई बार हुई।
पहले भी गंभीर आरोप लगने का दावा मुकदमा भी हो चुका है दर्ज
शिकायत में ग्राम प्रधान पर पूर्व में भी गंभीर आरोप लगने की बात कही गई है। इसमें ग्राम पंचायत में भ्रष्टाचार को लेकर मुकदमा दर्ज होने, धर्म परिवर्तन से जुड़े मामले में आरोप लगने तथा महाराष्ट्र में भी कई मुकदमे दर्ज होने का दावा किया गया है। इसके अलावा पैलानी क्षेत्र में भी प्रधान के खिलाफ आधा दर्जन से अधिक मुकदमे दर्ज होने की बात शिकायत में कही गई है। इन सभी दावों की स्वतंत्र पुष्टि किया जाना बाकी है।
गैंगस्टर कार्रवाई नहीं होने पर भी सवाल
शिकायतकर्ता ने यह भी आरोप लगाया है कि प्रधान पर कई मामलों में नाम आने के बावजूद पुलिस द्वारा अब तक गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई नहीं की गई। आरोप है कि प्रधान के प्रभाव में कथित रूप से लोगों का समूह बनाकर कई अवैध गतिविधियां संचालित की जाती हैं। शिकायतकर्ता ने इन आरोपों की भी जांच कराने की मांग की है।
जांच से सामने आ सकती है वास्तविक स्थिति
मामले की निष्पक्ष जांच होने पर संबंधित बैंक खातों में भेजी गई सरकारी धनराशि, भुगतान की तारीख, निकासी का विवरण, भुगतान का उद्देश्य और संबंधित कार्यों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकती है। शिकायतकर्ता ने पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय जांच कराकर दोषी पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की मांग की है। नोट: मुकदमों, धर्म परिवर्तन और गैंगस्टर से जुड़े आरोपों की पुष्टि संबंधित पुलिस रिकॉर्ड/अदालती दस्तावेजों से होना बाकी है। प्रधान का पक्ष सामने आने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।


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