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Thursday, October 15, 2026

चंदवारा ग्राम पंचायत में गंदगी का अंबार, विकास कार्यों में अनियमितता के आरोप

सफाई और नाली निर्माण के नाम पर सरकारी धन के दुरुपयोग का आरोप, 

गौशाला में गोवंशों की दुर्दशा पर उठे सवाल

बांदा, के एस दुबे । जसपुरा विकासखंड की ग्राम पंचायत चंदवारा में साफ-सफाई की बदहाल व्यवस्था और गौशाला में गोवंशों की देखरेख को लेकर ग्रामीणों ने गंभीर सवाल उठाए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि गांव में सफाई और नाली निर्माण के नाम पर लाखों रुपये खर्च किए जाने के बावजूद धरातल पर विकास कार्य दिखाई नहीं दे रहे हैं। जगह-जगह गंदगी का अंबार लगा हुआ है और नालियों की स्थिति भी खराब है। ग्रामीणों के मुताबिक, ग्राम पंचायत में विकास कार्यों के नाम पर सरकारी धन के दुरुपयोग की आशंका है। नारे पार मोहल्ले के लोगों ने आरोप लगाया कि ग्राम प्रधान और सचिव द्वारा साफ-सफाई एवं नाली निर्माण के नाम पर धनराशि खर्च किए जाने के बावजूद गांव की स्थिति में सुधार नहीं हुआ है। ग्रामीणों ने विकास कार्यों और सरकारी धन के भुगतान की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।



गौशाला में गोवंशों की दुर्दशा का आरोप

ग्राम पंचायत की गौशाला में गोवंशों के खाने-पीने और उचित देखरेख की व्यवस्था को लेकर भी ग्रामीणों ने नाराजगी जताई है। उनका आरोप है कि गौशाला में गोवंशों के लिए पर्याप्त चारा-पानी उपलब्ध नहीं है। ग्रामीणों ने भूख से गोवंशों की मौत होने की आशंका जताते हुए पूरे मामले की जांच कराने की मांग की है। ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि गौशाला में गोवंशों की संख्या अधिक दर्शाकर सरकारी धन का दुरुपयोग किया जा रहा है। इस मामले में ग्राम प्रधान, सचिव और संबंधित पशु चिकित्सक की भूमिका की जांच कराने की मांग उठाई गई है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना अभी बाकी है।


प्रधान की संपत्ति की जांच की मांग

नारे पार मोहल्ले के ग्रामीणों ने ग्राम प्रधान की संपत्ति की जांच कराने की मांग करते हुए आरोप लगाया कि प्रधानी के कार्यकाल में संपत्ति अर्जित करने और अपने करीबी लोगों के खातों में सरकारी धन भेजकर भुगतान में अनियमितता किए जाने की आशंका है। ग्रामीणों का कहना है कि ग्राम पंचायत में कराए गए विकास कार्यों, सफाई व्यवस्था, नाली निर्माण, गौशाला में गोवंशों की संख्या और उनके भरण-पोषण पर खर्च की गई धनराशि का भौतिक सत्यापन कराया जाना चाहिए। उन्होंने जिला प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराकर दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है। अब सवाल यह है कि ग्राम पंचायत चंदवारा में विकास कार्यों और गौशाला की व्यवस्थाओं की जांच कब होगी तथा ग्रामीणों की शिकायतों पर जिम्मेदार अधिकारी क्या कार्रवाई करेंगे?





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