पांच दिनों से खाद के लिए चक्कर काट रहे अन्नदाता, महिलाओं को भी नहीं मिली राहत; पुलिस पर डराने-धमकाने का आरोप
बांदा, के एस दुबे । तिंदवारी विधानसभा क्षेत्र के जसपुरा ब्लॉक में खाद की किल्लत को लेकर किसानों का आक्रोश सड़क पर दिखाई दिया। पांच दिनों से खाद वितरण केंद्र के चक्कर लगा रहे किसानों को खाद नहीं मिलने पर आखिरकार सड़क पर उतरकर जाम लगाना पड़ा। प्रदर्शनकारियों में बड़ी संख्या में महिलाएं भी शामिल रहीं। समाजवादी पार्टी के नेता पुष्पेंद्र सिंह चुनाले ने भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि खाद की कमी नहीं होने के दावे किए जा रहे थे, लेकिन धरातल पर किसानों को खाद के लिए परेशान होना पड़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सहकारी समितियों के कर्मचारियों की हड़ताल के दौरान खाद वितरण की जिम्मेदारी कथित तौर पर स्थानीय प्रभावशाली लोगों को सौंप दी गई। इससे वितरण व्यवस्था में पक्षपात हुआ और कुछ लोगों को खाद मिल गई, जबकि आम किसान पांच दिनों तक भूखे-प्यासे लाइन में खड़े रहे।
उन्होंने बताया कि खाद वितरण केंद्र पर करीब 750 टोकन बांटे गए और लगभग 1500 बोरी खाद वितरित की गई। उनका कहना है कि यदि सभी किसानों को दो-दो बोरी खाद उपलब्ध करा दी जाती तो शायद जाम लगाने की नौबत नहीं आती। पुष्पेंद्र सिंह ने प्रदर्शन कर रहे किसानों को पुलिस द्वारा लाठी दिखाकर डराने-धमकाने का भी आरोप लगाया। साथ ही खाद की कथित कालाबाजारी का मुद्दा उठाते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की। उन्होंने बताया कि सहकारी समिति के अधिकारियों की ओर से कर्मचारियों की हड़ताल समाप्त होने और अब सभी समितियों के माध्यम से खाद वितरण शुरू होने की जानकारी दी गई है। हालांकि, किसानों के सामने सबसे बड़ा सवाल खाद की उपलब्धता को लेकर है। आखिर समितियों में पर्याप्त खाद कब पहुंचेगी और किसानों को कब राहत मिलेगी, इस पर स्थिति स्पष्ट नहीं है। सपा नेता ने चेतावनी दी कि किसानों की समस्याओं की अनदेखी का जवाब आने वाले विधानसभा चुनाव में भाजपा को मिल सकता है।


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