कमासिन क्षेत्र के बेर्रांव गोशाला का हाल, जिम्मेदार अधिकारी बने बेपरवाह
कर्मचारियों की मानें तो अगस्त से अब तक 25 से 30 गोवंश दम तोड़ चुके
विश्व हिंदू महासंघ गौरक्षा समिति पदाधिकारियों ने देखे गोशाला के हालात
बांदा, के एस दुबे । एक तरफ शासन है कि गोवंशों का सरंक्षण करने के लिए पानी की तरह पैसा बहा रहा है। दूसरी ओर जिम्मेदार अधिकारियों की बेपरवाही से गोशालाओं में गोवंशों की दुर्दशा है। गोवंशों को कीड़ा युक्त पानी पिलाया जा रहा है और चरही में सड़ा हुआ भूसा डालकर उनका पेट भरने का काम किया जा रहा है। विश्व हिंदू महासंघ गौरक्षा समिति के पदाधिकारियों ने कमासिन क्षेत्र की बेर्रांव गोशाला का निरीक्षण किया तो हकीकत सामने आ गई। कर्मचारियों के मुताबिक 25 से 30 गोवंश अगस्त माह से लेकर अब तक दम तोड़ चुके हैं।
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| गोशाला में खुले आसमान तले रखा सड़ा हुआ भूसा |
कमासिन विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत वेर्राव गौशाला का निरीक्षण गौ रक्षा समिति द्वारा किया गया गौशाला के अंदर दो गौ वंश मृत्यु पाए गए तीन बीमार पाए गए और जहां पर गौवंशों को दफनाया जाता है 25 से 30 गौवंश मृत्यु पाए गए और गौशाला में सड़ा भूसा खिलाया जाता है पानी की टंकी में कीड़े पड़े हुए थे, उत्तर प्रदेश गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष श्याम बिहारी गुप्ता के निर्देशों के बावजूद गोवंश संरक्षण संबंधी व्यवस्थाओं में कोई सुधार नहीं हो रहा।
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| गोशाला में खाली पड़ी चरही और खडे़ गोवंश |
अधिकारी इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं। कमीशन के चक्कर में जिम्मेदार गोवंशों को मारने का काम कर रहे हैं। कई मामले विश्व हिंदू महासंघ गौ रक्षा समिति के द्वारा उजागर भी किए गए हैं। कमीशन को लेकर अगर इन पर कोई विशेष कार्रवाई नहीं होती है तो विश्व हिंदू महासंघ गौ रक्षा समिति की ओर से आंदोलन किया जाएगा और कुंभकर्णी नींद में सो रहे अधिकारियों पर कार्रवाई करवाई जाएगी।



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