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Monday, January 5, 2026

सकट चौथ व्रत 6 जनवरी को

सकट चौथ व्रत का विशेष महत्व माना जाता है। ये व्रत महिलाओं द्वारा संतान सुख, संतान की लंबी आयु और परिवार की खुशहाली के लिए रखा जाता है। इस चौथ को तिलकुटा चौथ, संकष्टी चौथ और माघ कृष्ण चतुर्थी भी कहा जाता है। माघ कृष्ण चतुर्थी तिथि 6 जनवरी, मंगलवार को सुबह 8:01 बजे से प्रारम्भ  होकर 7 जनवरी , बुधवार को प्रात: 6:52 बजे तक रहेगी। आम तौर पर व्रत उदया तिथि के अनुसार रखा जाता है, लेकिन सकट चौथ में चंद्रमा की पूजा का विशेष महत्व होता है। 6 जनवरी को चंद्रोदय चतुर्थी तिथि में हो रहा है, अत: सकट चौथ का व्रत 6 जनवरी, मंगलवार को ही रखा जाएगा। इसी दिन गणेश जी की पूजा और चंद्रमा को अर्घ्य देकर व्रत पूरा किया जाएगा। 6 जनवरी  को चन्द्रोदय समय रात 08:54 बजे होगा ।सकट चौथ पर बन रहे हैं 3 शुभ योग- 6 जनवरी को सकट चौथ के दिन तीन शुभ योग बन रहे हैं, जो इस व्रत के महत्व को और बढ़ा देते हैं।


सर्वार्थ सिद्धि योग
- सुबह 7:15 बजे से दोपहर 12:17 बजे तक, प्रीति योग- सुबह से लेकर रात 8:21 बजे तक। इसके बाद आयुष्मान योग का आरंभ होगा

इस दिन अश्लेषा नक्षत्र सुबह से दोपहर 12:17 बजे तक रहेगा, उसके बाद मघा नक्षत्र शुरू होगा। कही कही गुड़ और तिल  का बकरा बना कर उसको चाँदी के सिक्के से काटने की परम्परा भी है  इस व्रत में भगवान गणेश और चंद्र देव की पूजा का विशेष महत्व माना जाता है। इस दिन भगवान को तिल, गुड़ और तिल से बने लड्डू का भोग जरूर लगाना चाहिए। भगवान गणेश की पूजा के बाद चंद्र देव की पूजा होती है। इस व्रत का पारण चंद्रमा को अर्घ्य देने के बाद किया जाता है। चंद्र देव को अर्घ्य जल में दूध और तिल मिलाकर अर्पित करते है 

- ज्योतिषचार्य  एस.एस. नागपाल, स्वास्तिक ज्योतिष केन्द्र, अलीगंज, लखनऊ

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