चित्रकूट, सुखेन्द्र अग्रहरि : मुख्य विकास अधिकारी डी.पी. पाल ने सोमवार को विकासखण्ड मऊ की ग्राम पंचायत हटवा व विकासखण्ड रामनगर की ग्राम पंचायत देंउधा स्थित स्थाई गौआश्रय केन्द्र का निरीक्षण किया गया। यहा सीडीओ ने गौवंशों के भरण-पोषण व रख-रखाव के लिए सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त रखने के निर्देश दिए। साथ ही गौवंशों को खिलाए जा रहे भूसा आदि की वास्तविक स्थिति के आधार पर भुगतान करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान पशुचिकित्साधिकारी आर.एस. गौतम एवं ग्राम पंचायत सचिव दुर्गेश नन्दन पाण्डेय मौके पर उपस्थित पाए गए। इनके अलावा दो केयरटेकर एवं एक सफाई कर्मी भी मौके पर उपस्थित पाए गए। सीडीओ ने पाया कि गौशाला में लगभग 172 गोवंश संरक्षित है। गौशाला में भूसे के लिए शेड में 100 कुन्तल भूसा भंडारित पाया गया। साथ ही गोवंशों के लिए पीने के पानी व ठण्ड से बचाव के तिरपाल की व्यवस्था पायी गयी। गौवंश के लिए केवल दो बोरी पशु आहार उपलब्ध पाया गया। साथ ही साफ-सफाई भी संतोषजनक नहीं पाई गई। ग्राम
पंचायत अधिकारी द्वारा अवगत कराया गया कि गौशाला में दो सोलर लाइटें लगाई जानी है, जिनका प्रस्ताव नेडा को भेजा गया हैं। बताया कि गौशाला में उपलब्ध जनरेटर खराब होने के कारण प्राइवेट ट्यूबवेल से पानी उपलब्ध कराया जा रहा है। इस पर सीडीओ ने खराब जनरेटर को तत्काल ठीक कराने व गौवंशों के भरण पोषण के लिए सभी व्यवथाएं सुनश्चित कराने के निर्देश दिए। इसी प्रकार सीडीओ ने विकासखण्ड रामनगर की ग्राम पंचायत देंउधा स्थित स्थाई गौआश्रय केन्द्र का भी निरीक्षण किया। यहां भी खण्ड विकास अधिकारी राजेश कुमार तिवारी एवं ग्राम पंचायत सचिव ज्ञानेन्द्र सिंह सहित छह केयरटेकर मौके पर उपस्थित पाए गए तथा गौशाला में लगभग 354 गोवंश संरक्षित पाए गए। यहां सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त पाई गई। संरक्षित से अधिकांश गौवंशों के कान में टैग न पाए जाने पर शत-प्रतिशत टैग करने के निर्देश दिए तथा गौशाला में अतिशीघ्र सीसीटीवी कैमरे लगवाने के निर्देश दिए। गौशाला में एक गौवंश के बीमार पाए जाने पर उचित उपचार के लिए पशुचिकित्साधिकारी को निर्देशित किया।


No comments:
Post a Comment