पंचायत सदस्यों ने डीएम से की मामले की जांच व दोषियों पर कार्रवाई की मांग
बाँदा, के एस दुबे । बबेरू तहसील क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत मझिला निवासी रामप्रकाश वर्मा पुत्र ददइया एवं ग्राम पंचायत सदस्यों ने गांव में संचालित अस्थाई गौशाला की धनराशि का प्रधान, सचिव एवं पशु चिकित्सक द्वारा बंदरबाट किया जा रहा है। रामप्रकाश वर्मा व ग्राम पंचायत सदस्य बुधलिया, युवेशिया, शिवनंदन, सुमन, रामबहादुर, राजबहादुर, प्रमोद सिंह द्वारा जिलाधिकारी व बीते 5 जनवरी को बबेरू में आयोजित समाधान दिवस में दिए गए शिकायती पत्र में आरोप लगाया है कि ग्राम पंचायत मझिला में अस्थाई गौशाला संचालित है। बीती तीन जनवरी को शिकायती पत्रों के आधार पर जांच अधिकारी गौशाला पहुंचे, मौके पर मात्र 39 गाय गौशाला में पाई
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| गोशाला में बदहाल गोवंश। |
गई। उसी दौरान ग्राम प्रधान, प्रधान पति, सचिव एवं पशु चिकित्सक द्वारा कस्बा बबेरू की गायों को मजदूरों से हंकाकर गौशाला में कुछ समय के लिए बंद करवाया गया, जो कि अन्ना गौवंश थे और कस्बा बबेरू से लाए गए थे। इस तरह गौशाला में गायों की संख्या पूरी दिखाकर 159 गायों का भुगतान प्राप्त कर शासन की धनराशि का बंदरबांट किया गया है। साथ ही अगला भुगतान लेने की मंशा बनी हुई है। उन्होंने जिलाधिकारी से मांग की है कि इस भ्रष्टाचार की जांच कर वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि गौशाला में गायों को चारा, भूसा भी नहीं दिया जाता, मात्र पुआल खिलाकर जिंदा रखा जा रहा है। उन्होंने पूरे मामले की जांच कराकर दोषियों के विरूद्ध कड़ी कार्रवाई की मांग की है।


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