जमालपुर गावं के ग्रामीणों ने पुलिस अधीक्षक को दिया पत्र
बांदा, कृपाशंकर दुबे । देहात कोतवाली क्षेत्र के जमालपुर गांव में बीते 22 मार्च को निर्दोष लोगों के उपर पुलिस द्वारा की गई कार्यवाही में जेल भेज दिया गया था। मामले की विवेचना में अन्य डेढ दर्जन लोगों को निर्दोष फंसाने का प्रयास किया जा रहा है। बुधवार को जमालपुर गांव के ग्रामीणों ने पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन देकर मामले की
![]() |
| लिस अधीक्षक को ज्ञापन देने आए ग्रामीण |
पुनः विवेचना कराये जाने की मांग की है। जिससे निर्दोष लोगों को बचाया जा सके।
पुलिस अधीक्षक को दिये गये पत्र में जमालपुर गांव के ग्रामीणों ने बताया कि बीते 22 मार्च की रात दस से ग्यारह बजे स्थानीय व बाहरी भारी पुलिस बल द्वारा घरों में सोते समय धावा बोलकर दरवाजे तोड दिये गये थे। महिलाओं व पुरूषो के साथ गाली गलौज करते हुये छात्रों, किसानों व संभ्रान्त लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया था। साथ ही संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज करने के साथ 7 क्रिमिनट एक्ट लगाकर जेल भेज दिया गया था। जिसकी सूचना भाजपा नेताओं व स्थानीय लोगों द्वारा 23 मार्च को दी गई थी। लेकिन अभी तक ग्रामीणों को कोई राहत नही मिली है। उपर से विवेचना में अन्य 18 लोगों को जोड दिया गया है। जिनका घटना से कोई वास्ता नही था। दोषी पुलिस कर्मी अभी भी आजाद घूम रहे है। ग्रामीणों ने पुलिस अधीक्षक को पत्र देकर मामले की पुनः विवेचना कराते हुये निर्दोष लोगों को बचाने की मांग की है।


No comments:
Post a Comment