चित्रकूट, सुखेन्द्र अग्रहरि। रक्षाबन्धन की पूर्व सन्ध्या पर बच्चों ने मिल कर रक्षाबन्धन का त्यौहार मनाया। इस मौके पर प्रातःकालीन प्रार्थना के दौरान प्रधानाचार्या वीनापाणि ने बच्चों को रक्षाबन्धन का त्यौहार मनाये जाने का कारण एवं इसका महत्व बताया। इसी प्रकार सभी शिक्षिकाओं ने भी बच्चों को कहानियों के माध्यम से रक्षाबन्धन
का त्यौहार एवं भाई-बहन के रिश्ते का महत्व बताया। विद्यालय में बच्चों को बताया गया कि इस दिन बहन भाई की कलाई पर रेशम का धागा बांधती है तथा उसके दीर्घायु जीवन एवं सुरक्षा की कामना करती हैं। बहन के इस स्नेह से बंधकर भाई उसकी रक्षा करने का संकल्प लेता है। इतिहास में राखी के महत्व को बताते हुए बच्चों को मेवाड़ की महारानी कर्मावती एवं मुगल राजा हुमायूं के बारे में बताया गया। महारानी कर्मावती ने मुगल राजा हुमायूं को राखी भेजकर रक्षा याचना की थी। कक्षा यूकेजी एवं कक्षा एलकेजी के छात्र-छात्राओं ने अपने अध्यापिकाओं के साथ मिलकर राखी बनाना सीखा। तत्पश्चात् सभी छात्राओं ने सभी छात्रों को राखी बांधी एवं मिठाई, चाकलेट, टाफी खिलाया। इस मौके पर प्रधानाचार्या वीनापाणि के साथ सुष्मिता गुप्ता, रेनू वर्मा, अंजलि गुप्ता, हिमांशी, प्रतिमा, रिंकी एवं चित्रा गुप्ता आदि अध्यापिकायें उपस्थित रहीं।


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