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Tuesday, April 14, 2020

जनता सेवा वाहन पब्लिक से कर रहे ठगी

मंडी सचिव की ओर से जारी रेट लिस्ट महज दिखावा 
लाक डाउन के दौरान जनता सेवा के नाम पर हुई लूट 

बांदा, के0 एस0 दुबे । लाक डाउन के दौरान गली और मुहल्लों में घूमने वाले जनता सेवा वाहनों में मौजूद कर्मचारियों के द्वारा दोनो हाथों से जनता की जेब में डाका डाला गया। मंडी सचिव की ओर से जारी रेट लिस्ट बेमायने रही। अगर जनता ने तयशुदा रेट पर सामान खरीदने की बात कही तो जनता सेवा वाहन में तैनात कर्मचारियों ने साफ इनकार करते हुए सिर्फ यही कहा कि सामान अगर खरीदना है तो रेट वह खुद तय करेंगे। अगर यूं कहा जाए कि जनता सेवा के कर्मचारियों ने जनता की जेबों पर दोनो हाथों से डाका डाला तो अतिश्योक्ति नहीं होगी। 
लाक डाउन के दौरान घर से बाहर निकलने की पाबंदी का छोटे दुकानदारों ने तो फायदा उठाया ही, साथ ही प्रशासन के द्वारा जनता सेवा नाम से चलाए गए वाहनों में तैनात कर्मचारियों ने भी जमकर लूटखसोट मचाई। हालांकि मंडी सचिव की ओर से बाकायदा रेट लिस्ट जारी की गई, लेकिन उस रेट लिस्ट का जनता सेवा वाहन में तैनात कर्मचारियों ने कतई पालन नहीं
जनता सेवा वाहन से खरीददारी करते लोग
किया। मनमानी रेट पर खाद्य सामग्री और सब्जी की बिक्री की। कृषि उत्पादन मंडी समिति की ओर से जारी रेट लिस्ट के अनुसार गेहूं 2300 रुपए कुंतल, चावल (कामन) 2400 रुपए कुंतल, आटा 2500 रुपए कुंतल, दाल मूंग 10 हजार रुपए प्रति कुंतल, दाल उर्द 8500 रुपए प्रति कुंतल, दाल चना 5500 रुपए प्रति कुंतल, दाल मसूर 6 हजार प्रति कुंतल, दाल अरहर 8 हजार प्रति कुंतल तय किया गया। इसी तरह आलू 1200 से 1600 रुपए प्रति कुंतल, प्याज 800 से 900 रुपए प्रति कुंतल, टमाटर 800 से 1000 प्रति कुंतल, लौकी 600 से 800 रुपए प्रति कुंतल, कद्दू 500 से 800 रुपए प्रति कुंतल, हरी मिर्च 2000 से 2500 रुपए प्रति कुंतल, करेला 2000 से 2500 रुपए प्रति कुंतल, लहसुन 6000 से 7000 रुपए प्रति कुंतल, अदरक 5000 से 6000 प्रति कुंतल, पपीता 2000 से 2500 रुपए प्रति कुंतल, केला कच्चा 800 से 1000 रुपए प्रति कुंतल, अंगूर, 3000 से 4000 रुपए प्रति कुंतल, सेब 6000 से 7000 रुपए प्रति कुंतल, संतरा 2000 से 3000 रुपए प्रति कुंतल और अनार 6000 से 7000 रुपए प्रति कुंतल तय किया गया है। लेकिन अफसोस की बात यह है कि जनता सेवा में जो सामग्री वितरित की गई वह मंडी सचिव की ओर से निर्धारित रेट से कहीं अधिक बेची जा रही है। आलम यह है कि जनता सेवा वाहन में तैनात कर्मचारियों के द्वारा खरीददारों को इस बात की धमकी दी जाती है कि मंडी सचिव द्वारा जारी किया गया रेट वह नहीं मानते हैं, उनके रेट के हिसाब से अगर खाद्य सामग्री खरीदनी है तो खरीदो, वरना चलते बनो। 

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