किसकी अनुकंपा से हो रहा भेड़ी खुर्द में मौरम का अवैध खनन - Amja Bharat

Amja Bharat

All Media and Journalist Association

Breaking

Friday, June 5, 2020

किसकी अनुकंपा से हो रहा भेड़ी खुर्द में मौरम का अवैध खनन

मौरम खंड संख्या तीन में दर्जन भर पाॅकलैंड मशीनें मैदान में
पट्टाधारक को नहीं एनजीटी की गाइड लाइन की परवाह
चौबीस घंटे गरजती मशीनों से ग्रामीण का सुख चैन छिना

उरई (जालौन), अजय मिश्रा । बेतवा नदी के लाल सोना रूपी मौरम खनन का पट्टा हासिल करने वाले किस कदर सदा नीरा बेतवा नदी का स्वरूप बिगाड़कर अवैध तरीके से मौरम का खनन करने में दर्जन भर से ज्यादा पाॅकलैंड, लिफ्टर व जेसीबी मशीनों को नदी की तलहटी में उतारकर अंधाधुंध तरीके से मौरम खनन करने में जुटे हुये हैं। ताज्जुब की बात तो यह है कि भेड़ी खुर्द के मौरम खंड संख्या तीन का पट्टाधारक किसकी अनुकंपा से अवैध खनन करने में जुटा हुआ है यह अब तक एक रहस्य ही बना हुआ है। जब उक्त पट्टाधारक के घाट पर अधिकारी छापामार कार्रवाई करने पहुंचते हैं तो उसको पहले से ही उसकी जानकारी हो जाती है। इस तरह से अनेकों ऐसे प्रश्न है जिसका जबाब शायद ही किसी जिम्मेदार अधिकारी के पास हो।
भेड़ी खुर्द में मौरम का खनन करती पाॅकलैंड मशीनें।
उल्लेखनीय हो कि बिन्दु एण्ड राम कांन्स. कंपनी निवासी दुसाह थाना कोतवाली देहात जिला बलरामपुर ने तहसील कालपी के भेड़ी खुर्द में गाटा संख्या 1396 ग खंड संख्या तीन का 20.242 हैक्टेयर का पट्टा हासिल किया था। लेकिन जिस फर्म के नाम मौरम खनन का पट्टा है उसने अपनी फर्म के लोगों को भेजकर मौरम खनन कराने के लिये दर्जन भर पाॅकलैंड मशीनों को मैदान में उतारकर अंधाधुंध तरीके से बेतवा नदी से मौरम का खनन का उसका वास्तविक स्वरूप बिगाड़कर एनजीटी की गाइड लाइन के साथ भद्दा मजाक करने से नहीं चूका। फिर पट्टा के आसपास की वन भूमि व निजी भूमि से भी मौरम का खनन कर शासन को लाखों रुपये राजस्व को चूना लगाने में पीछे नहीं रहा। जब पिछले दिनों एडीएम प्रमिल कुमार सिंह, अतिरिक्त मजिस्ट्रेट गुलाबचंद्र आदि उक्त घाट पर छापामार कार्रवाई करने पहुंचे तो उसकी भनक पट्टाधारक फर्म को पहले से ही लग गयी लिहाजा उसने दर्जन भर पाॅकलैंड मशीनों को चैबीस घंटे पहले ही घाट से हटवाकर सुरक्षित ठिकानों पर छिपा दी थी। जब अधिकारियों की टीम मौके पर पहुंची तो वहां पर सन्नाटा पसरा मिला। लेकिन अंधाधुंध तरीके से किये गये मौरम खनन के निशान स्वतः ही गवाही देते नजर आये। अब पट्टाधारक फर्म ने पुनः दर्जन भर पाॅकलैंड, लिफ्टर व जेसीबी मशीनों को मैदान में उतारकर चैबीस घंटे मौरम का खनन किया जा रहा है और रात्रि के अंधेरे में ज्यादातर ट्रकों में ओवरलोड मौरम भरकर एनआर पर निकासी करायी जा रही है। तो उधर चैबीस घंटे भारी भरकर मशीनों की आवाजों से ग्रामीणों का सुख चैन छिन जाने से वह अनेकों प्रकार की बीमारियों की गिरफ्त में आ रहे है। ग्रामीणों का कहना था कि यदि पट्टाधारक द्वारा इसी तरह से मौरम खनन किया जाता रहा तो वह जल सत्याग्रह करने को विवश होंगे। ताकि सदानीरा बेतवा नदी के स्वरूप को बर्बाद होने से रोका जा सके।

1 comment:

Post Bottom Ad

Pages