लाखों रुपयों की लागत से बने आजादी के नायकों के स्मारक बदहाल
विभाग की लापरवाही से चौराहों की लाइन व लैम्प हो चुके खराब
फतेहपुर, शमशाद खान । नगर पालिका परिषद द्वारा शहर में बनाये गए महापुरुषों के प्रतिमा स्मारकों की देखभाल न होने के कारण बर्बादी की कगार पर आ चुके हैं। जंग-ए-आजादी के नायक व नायिकाओं के होने के गौरव के साथ ही शहीदो की स्थापित प्रतिमाएं कई समाज के आदर्श व उनके गौरवशाली इतिहास समेटे हुए है। पूर्व चेयरमैन चन्द्र प्रकाश लोधी समेत अन्य के कार्यकाल में लाखों रुपयों की लागत से शहर के अलग अलग स्थानों चैराहों पर महापुरुषों की प्रतिमाएं स्थापित की गयी थी। उनका सौंदर्यीकरण कराया गया था। जिसमे महापुरुषों की प्रतिमाओं के साथ ही सर्किल के चारो ओर सौंदर्यीकरण, टाइल्स पेड़ो के गमले व चारो ओर बिजली के लैम्प से सजावट की गयी थी। स्थापना के कुछ दिनों तक तो सब कुछ ठीक ठाक रहा लेकिन नगर पालिका प्रकाश विभाग की लापरवाही के कारण लगभग सभी चैराहों के महापुरुषांे की प्रतिमाओं के लैम्प खराब हो चुके है। जिससे आजादी के नायकों की प्रतिमाएं अंधेरे में डूबी हुई है। आने वाली पीढ़ियों को स्वतंत्रता संग्राम के नायकों से परिचय
कराने व आजादी की इन अमूल्य धरोहरों की वीर गाथाओं की याद लोगो के दिलो में बनाये रखने के साथ ही शहर की खूबसूरती को निखारने और चार चाँद लगाने के लिए शहर के अलग-अलग चैराहों अवंतीबाई चैराहा, पथरकटा चैराहा स्थित सुभाष चन्द्र बोस चैक, कचेहरी रोड स्थित शास्त्री चैक, विद्यार्थी चैराहा स्थित गणेश शंकर चैराहा, जेल चैराहा स्थित महाराजा अग्रसेन की प्रतिमा, पटेल नगर स्थित सरदार पटेल चैराहा, ज्वालागंज स्थित ठाकुर दरियाव सिंह स्मारक समेत शहर में कई जगह महापुरुषों की प्रतिमाओं की स्थापित करने के साथ ही स्मारकों की चारदीवारी व लाइटों को लगाकर सौन्दर्यीकरण किया गया था लेकिन नगर पालिका की अनदेखी से शहर की खूबसूरती दिखाने की जगह अंधरे की बदसूरती ही दिखाई दे रही है। लोगो के टैक्स के पैसो से नगर पालिका द्वारा स्थापित किये गए चैराहे नगर पालिका की ही अनदेखी के कारण बदनुमा दाग जैसे दिखाई दे रहे है। महापुरुषो की प्रतिमाओं की इस तरह से की जा रही अनदेखी जनता के पैसो की बर्बादी के साथ ही महापुरुषो का भी अपमान है।
| उपेक्षा का शिकार सुभाष चन्द्र बोस (पथरकटा) चौराहा। |

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