चित्रकूट, सुखेन्द्र अग्रहरि। गांव में चकबंदी के दौरान लेखपाल अनियमितता कर ऊबड-खाबड भूमि का चक बना रहे हैं। इसे लेकर ग्रामीणों ने दस बिन्दुओं का पत्र जिलाधिकारी को सौपकर कार्यवाही की गुहार लगाई है।
मानिकपुर ब्लाक क्षेत्र के चरदहा गांव के ग्रामीण जगन, रघुवर दयाल, अवधेश कुमार, शिवशरण, बाबूलाल, बैली, गौरेन्द्र सिंह ग्राम प्रधान की अगुवाई में कलेक्ट्रेट परिसर पहुंचकर डीएम को सौपे पत्र में कार्यवाही की मांग की है। कहा कि पूर्व में ग्रामीणों ने चकबंदी का विरोध किया था। जिस पर अधिकारियों ने आश्वस्त किया था कि नालो व
ऊबड-खाबड भूमि को अचक रखा जाएगा। आश्वासन के क्रम में न्यायालय चकबंदी अधिकारी ने भूमि नाला, पहाड व ऊबड-खाबड होने के चलते चकबंदी प्रक्रिया से अलग की गई है। चकबंदीकर्ता व लेखपाल द्वारा साठगाठ कर व्यापक पैमाने में उगाही कर नालो व बेकार भूमि को शामिल कर गाटो में तैयार किया गया है। पैमाइश की कोई सूचना प्रधान व चकबंदी कमेटी सदस्यों को नहीं दी जाती और गुटबाजी कर विवाद तैयार कर दिया गया है। ग्रामीणों ने चकबंदी प्रक्रिया में की गई अनियमितता की जांच कराकर कार्यवाही की मांग की है।
![]() |
| कलेक्ट्रेट में खडे ग्रामीण। |


No comments:
Post a Comment