यमुना नदी किनारे मृत मछलियों से उठ रही भीषण दुर्गन्ध से पर्यटक परेशान
निचले इलाकों में बसे गांवों के ग्रामीण हुये चौकन्ने
जगम्मपुर (जालौन), अजय मिश्रा । पचनद क्षेत्र की तीन नदियों में अचानक बरसात का मटमैला पानी आने से बाढ़ जैसी स्थिति पैदा हो गई जिससे हजारों मछलियां तड़पतीं और कई जानवर भी बहते हुए देखे गए पिछले 24 घंटे में लगभग दो मीटर पानी बढ़ गया है। हालांकि आसपास के गांवों को अभी कोई नुकसान नहीं पहुंचा है। परंतु माना जा रहा है कि अगर इसी रफ्तार से पानी बढ़ता रहा तो नुकसान हो सकता है।
विकास खण्ड चकरनगर के धार्मिक स्थल महा कालेश्वर ओर रामपुरा विकास खण्ड का धार्मिक स्थल प्रसिद्ध बाबा सहाब मन्दिर के समीप पांच नदियों के संगम पचनद में बीती रात्रि समय क्वारी, सिंध और पहूज का जल स्तर बढ़ने से उक्त पानी में बहते हुए कई पशु भी देखे गये हैं। इसके अलावा गंदे पानी में मछलियां भी तड़फती देखी गयीं। नदी किनारे सब्जी की खेती करने वाले किसान नदी में पानी का तेज बहाव देखकर अपनी सब्जी तोड़ने में जुट गये हैं। इसके अलावा उक्त तीन नदियों के तेज पानी के बहाव ने यमुना और चंबल नदी के पानी के बहाव को रोक दिया है। मध्यप्रदेश से आने वाली सिंध व पहुज नदी में बुधवार को अचानक पानी बढ़ जाने के कारण यमुना व चंबल में ठहराव आ गया है। इनकी पानी निकासी रुक गई है और इनका पानी पीछे की तरफ लौट रहा है। पचनद
पर ही पांचों नदियों का संगम होता है। सिंध व पहॅज में पानी बढ़ने के कारण चंबल व यमुना में भी पानी बढ़ना शुरू हो गया है। पचनद के आसपास के गांव कतरौली, गोपिया खार नीवरी, करियावली, मचल की मड़ैया, भजनपुरा कंजोसा, मडे़पुरा सहित अनेकों गांवों में हर वर्ष बाढ़ आने से खतरा बढ़ जाता है। हालांकि अभी इस प्रकार की कोई बात नहीं है क्योंकि प्रशासन खतरे की संभावना से इंकार कर रहा है। दूसरी तरफ नदी के किनारे बसे दो दर्जन से अधिक गांवों में संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है हालांकि यह जांच का विषय है। लेकिन समाचार लिखे जाने तक कोई भी जिम्मेदार अधिकारी यहां पर देखने नहीं आया इससे साफ तौर पर स्पष्ट होता है इतनी बड़ी त्रासदी होने के बाद भी कोई भी अफसर ने यहां आने की तकलीफ नहीं उठायी। इससे साफ जाहिर होता है कि जिम्मेदार अधिकारी अपने कर्तव्यों के प्रति कितने लापरवाह हैं।
![]() |
| नदी में मृत पड़ी मछलियां। |


No comments:
Post a Comment