जबरन रिफर की गयी महिला ने एम्बुलेंस में जना बच्चा
परिजन गिड़गिड़ाते रहे और स्टाफ नर्स मुस्कराती रही
पत्नी के साथ पहुंच युवक ने दिया शिकायती पत्र
कदौरा (जालौन), अजय मिश्रा । सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में तैनात स्टाफ नर्स ने अपने अपने क्रियाकलापों में सुधार न लाने की कसम खा ली है अभी एक दिन पूर्व ही कोरोना जांच बगैर प्रसव करने से मना करते हुए प्रसूता के अभद्रता करते हुए प्रसूता को भगा दिया था वही अब नया मामला सामने आया है जब सुबिधा शुल्क की पूर्ति न कर पाने पर तैनात एक स्टाफ नर्स ने आधी रात को प्रसूता को रिफर कर दिया जिससे उरई ले जाते समय रास्ते में एम्बुलेंस पर उसका प्रसव हो गया आश्चर्य तो इस बात का है कि प्रसूता के परिजन व आशा बहु, स्टाफ नर्स के सामने हाथ जोड़कर गिड़गिड़ाते रही लेकिन उनके मन मे जरा भी दया नही आई। आखिरकार किसी तरह से जिला अस्पताल पहुच कर जच्चा बच्चा का इलाज कराने के बाद परिजनों ने इसकी शिकायत जिलाधिकारी से की है।
थाना क्षेत्र के ग्राम हरचंदपुर निवासी महमूद खान प्रसव पीड़ा से व्याकुल अपनी पत्नी सितारा बानो को आशा बहु के साथ 23 जुलाई को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गया था जहां पर मौजूद स्टाफ नर्स ने उसे भर्ती करते हुए शाम तक प्रसव होने की बात कही रात लगभग 1 बजे स्टाफ नर्स ने प्रसूता की हालत खराब होने की बात कहते हुए 5 हजार रुपये की मांग की प्रसूता के परिजन ने इतनी रकम देने से मना करते हुए उनसे प्रसव करने के लिए गिड़गिड़ाए लेकिन स्टाफ नर्स ने उनकी कोई बात नही सुनी और रात 1 बजे जब बच्चा प्रसूता के पेट से आधा बाहर आ गया तो स्टाफ नर्स ने आनन फानन में एम्बुलेंस बुला ली और रिफर करने लगी जिस पर परिजन ने रो रो कर गुहार लगाई और कहा की उरई तक जाने में 1 घण्टा से अधिक लगेगा तब तक प्रसूता व बच्चे के साथ कोई अनहोनी न हो जाए लेकिन स्टाफ नर्स कोई भी बात नही मानी और एम्बुलेंस चालक को परिसर से जल्द ही ले जाने का आदेश दे दिया आखिरकार आटा चमारी के बीच एम्बुलेंस में ही प्रसव हो गया किसी तरह परिजन उसे जिला अस्पताल ले गए जहाँ इलाज किया गया इस संबंध में चिकित्सा अधीक्षक अशोक कुमार ने कहा कि मैने प्रसूता के परिजनों से लिखित शिकायत मांगी है मामले की जांच करने के बाद कार्यवाही की जायेगी।
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| शिकायती पत्र देने सीएचसी जाता युवक अपनी पत्नी व नवजात बच्चे के साथ। |
एम्बुलेंस धुलाने के नाम पर वसूले थे 2 सौ रुपये
कदौरा। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बना स्वास्थ्य कर्मियों की खाऊ कमाऊ का अड्डा जिस कारण आम जनमानस त्रस्त हो गया है जहाँ एक तरफ स्टाफ नर्स को सुबिधा शुल्क नही मिली तो उसने रात 1 बजे प्रसूता को भगा दिया वही रास्ते मे हुए प्रसव के बाद एम्बुलेंस चालक ने भी एम्बुलेंस धुलाने के नाम पर 5 सौ रुपये की मांग की मांग की पूर्ति न होने पर प्रसूता को जिला अस्पताल ले जाने से मना कर दिया आखिरकार प्रसूता के परिजनांे ने 250 रुपये देकर प्रसूता को जिला अस्पताल ले जाने में सफल रहे।


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