कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों पर रहेगी निगाह
फतेहपुर, शमशाद खान । कोरोना संक्रमण के चलते ईद-उल-अजहा यानी बकरीद पर्व को लेकर मुस्लिम समुदाय में इस बार उत्साह कम नजर आ रहा है लेकिन पर्व होने के चलते लोगों ने बाजार पहुंचकर सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए सेंवई, सूतफेनी व मेवे की खरीददारी की। बाजार में देर शाम तक चहल-पहल का माहौल रहा। शासन की गाइड लाइन के तहत घरों पर ही बकरीद की नमाज अदा की जायेगी। मस्जिद में सिर्फ पांच लोग ही नमाज अदा करेंगे। कानून व्यवस्था के साथ खिलवाड़ करने वालों पर पुलिस की खूफिया निगाह बनी हुयी है।
बताते चले कि देशभर में ईद उल अजहा बकरीद का पर्व कल मनाया जायेगा। जिसको लेकर मुस्लिम समुदाय में इस बार उतना उत्साह नहीं दिखाई दे रहा है। क्योंकि पूरा देश कोविड-19 की चपेट में है और प्रतिदिन मरीजों की संख्या में इजाफा भी हो रहा है। जैसे-जैसे मरीज बढ़ रहे हैं लोगों के अंदर दहशत भी बढ़ती जा रही है। लेकिन पर्व होने के चलते लोगों ने जरूरी वस्तुओं की खरीददारी भी की। शहर के लाला बाजार इलाके में सजी सेंवई व सूतफेनी की दुकान पर लोग दिखाई दिये। शाम तक बाजारों में सिवईयां, मेवे समेत अन्य सामानों की
खरीदारी की जाती रही। कुर्बानी के लिए लोगों ने गांव-देहात के लोगों से सम्पर्क कर जानवरों की खरीददारी की है। इस बार उस तादाद में जानवरों की कुर्बानी भी नहीं हो पायेगी क्योंकि काफी लोग आर्थिक तंगी से भी जूझ रहे हैं। बकरीद पर्व पर प्रदेश में भाईचारा व अमन बरकरार रहे साथ ही सिवइयों की मिठास बरकरार रहे जिसको लेकर जिलाधिकारी संजीव सिंह के निर्देशन में पुलिस व जिला प्रशासन द्वारा सुरक्षा व्यवस्था के जबरदस्त बंदोबस्त किए हैं। शहर की नब्ज टटोलने के लिए पुलिस अधीक्षक प्रशांत वर्मा व उप जिलाधिकारी भी अधीनस्थों के साथ मंथन कर रहे हैं। सभी समुदायों के लोगो द्वारा प्रशासन का सहयोग करने के साथ ही कानून व्यवस्था को बरकरार रखने में कंधे से कंधा मिलाकर साथ देने की अपील की गई।
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| लाला बाजार में सेंवई व सूतफेनी की खरीददारी करतीं महिलाएं। |


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