फतेहपुर, शमशाद खान । केन्द्र सरकार द्वारा विद्युत अधिनियम संशोधन बिल द्वारा विद्युत व्यवस्था के निजीकरण को लेकर कर्मचारियों ने लामबंद होकर अधीक्षण अभियन्ता कार्यालय में सरकार विरोधी नारेबाजी कर बिल वापस किये जाने की मांग की।
संयुक्त संघर्ष समिति के नेतृत्व में विद्युत विभाग के अधिकारी व कर्मचारियों ने निजीकरण के विरोध में अधीक्षण अभियन्ता कार्यालय में सांय चार बजे से ध्यानाकर्षण कार्यक्रम आयोजित किया। अधिशाषी अभियन्ता प्रभाकर पाण्डेय ने बताया कि केन्द्र सरकार द्वारा भारतीय विद्युत अधिनियम संशोधन बिल 2020 से देश की पूरी विद्युत व्यवस्था को निजीकरण करने के उद्देश्य से लाया गया है। सरकार इसे वापस करे। राज्य विद्युत परिषद जूनियर इंजीनियर संगठन के पूर्वांचल सचिव आशीष कुमार सिंह ने कहा कि विद्युत के निजीकरण होने से उत्तर प्रदेष में किसानों एवं गरीबों को मिलने वाली बिजली महंगी हो जायेगी। जिसका सीधा प्रभार देश की जनता व किसानों पर पडेगा। इस मौके पर जिलाध्यक्ष नरेन्द्र नाथ मौर्य, आशीष शुक्ला, मुकेश गौतम, पंकज प्रकाश, धीरेन्द्र सिंह, गजेन्द्र सिंह, प्रशान्त शुक्ला, प्रमोद सिंह, पवन सिंह, बिरेश पटेल, विनय सिंह, राजेश कुमार आदि कर्मचारी मौजूद रहै। 
निजीकरण के विरोध में प्रदर्शन करते बिजलीकर्मी।

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