हमीरपुर, महेश अवस्थी । सबमिशन ऑन एग्रीकल्चर एक्सटेंशन की शासी निकाय की बैठक में जिलाधिकारी डॉ ज्ञानेश्वर त्रिपाठी ने कहा कि कृषकों द्वारा किसी भी दशा में पराली न जलाई जाए। पराली जलाए जाने पर संबंधित कृषकों पर अधिकतम जुर्माना लगाया जाएगा। उन्होंने कहा कि पराली ना जलाए जाने हेतु कृषि विभाग द्वारा प्रचार प्रसार किया जाय तथा कृषकों को पहले से ही जानकारी दे दी जाय। जिलाधिकारी ने कहा कि फॉर्म मशीनरी बैंक योजना का जनपद में वृहद स्तर पर प्रचार प्रसार किया जाए ताकि अधिक से अधिक कृषकों को इसकी जानकारी हो और वे इस योजना का लाभ ले सके। इस योजना की पात्रता ,लाभ मिलने की प्रक्रिया ,फॉर्म भरने के लिए व्यापक प्रचार- प्रसार कराया जाए।
ज्ञात हो कि फार्म मशीनरी बैंक के अंतर्गत निर्धारित कृषि के विभिन्न यंत्रों में से न्यूनतम दो यंत्र 05 लाख रूपये तक की सीमा में क्रय करना होता है । इसके लिए जिन क्षेत्रों में धान की अधिक कृषि होती है , उस क्षेत्र को
प्राथमिकता होती है। इसके अलावा फसल अवशेष के प्रबंधन हेतु भी कृषि यंत्र उपलब्ध कराया जाता है। जिसमें 20 फीसदी धनराशि ग्राम पंचायत को देना होता है तथा 80 फीसदी धनराशि राज्य सरकार द्वारा अग्रिम रूप से सब्सिडी के रूप में दी जाती है ।इसका रखरखाव संबंधित ग्राम पंचायत द्वारा तथा अनुश्रवण की कार्रवाई जिला पंचायत राज अधिकारी द्वारा की जाती है ।
उपनिदेशक कृषि जेएम श्रीवास्तव ने कहा कि कृषक उत्पादक कंपनियों को बीज विधायन संयंत्र की स्थापना हेतु एवं उसके लिए मशीन एवं गोदाम निर्माण के लिए रुपए 60 लाख तक का 100 प्रतिशत अनुदान उपलब्ध कराया जाएगा। इस संदर्भ में जनपद में छह कंपनियां के नाम की संस्तुति की गई है ।। जिलाधिकारी ने कृषक उत्पादक संगठन को बढ़ावा देने के लिए अधिक से अधिक कृषक संगठन बनाने के निर्देश कृषि विभाग को दिए हैं। जिलाधिकारी ने कहा कृषक समूहों को कृषि उत्पाद के विक्रय हेतु लाइसेंस देने की कार्रवाई शीघ्रता के साथ की जाए इसमें किसी भी तरह की पेंडेंसी ना रखी जाए ।
मुख्य विकास अधिकारी कमलेश कुमार वैश्य , पी डी चित्रसेन सिंह , जिला कृषि अधिकारी सरस तिवारी , जिला पंचायत राज अधिकारी तथा प्रगतिशील कृषक मौजूद रहे।


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