हमीरपुर, महेश अवस्थी । वृद्धाश्रम की व्यवस्थाओं , वृद्धजनों के भरण पोषण के संबंध में जिलाधिकारी डॉ ज्ञानेश्वर त्रिपाठी ने कहा कि वृद्धा आश्रम में शासन द्वारा, जो सहायता / सुविधाएं अनुमन्य है, वे सभी सुविधाएं वृद्धजनों को दी जाए। वृद्धा आश्रम में रहने वाले वृद्धजनों की लिस्ट लेकर उनकी संख्या तथा वारिसान के बारे में सत्यापन किया जाए। जिन वृद्धजनों के वारिस मौजूद हैं, उनसे भरण-पोषण की धनराशि जमा कराई जाए। ज्ञात हो कि जो पूर्णतया है, निराश्रित है। उनको वृद्धा आश्रम में सभी सुविधाएं निःशुल्क उपलब्ध कराई जाती हैं, किंतु जिनके वारिस मौजूद है। उनसे भरण पोषण धनराशि जमा कराए जाने का प्रावधान होता है । उन्होंने कहा कि लोगों द्वारा अपने वृद्ध मां - बाप /बुजुर्गों की सेवा की जाए, उनको निराश्रित ना छोड़ा जाए। अपने वृद्ध मां-बाप/ बुजुर्गों को निराश्रित छोड़ने वालों पर
कार्रवाई की जाएगी । जिलाधिकारी ने कहा कि वृद्धा आश्रम में वृद्धजनों को समय समय पर गुणवत्ता युक्त भोजन , शुद्ध पेयजल तथा अन्य सुविधाएं नियमित तौर पर मुहैया कराई जाय। वृद्धाश्रम में 24 घंटे केयर टेकर नियुक्त होना चाहिए । वृद्धजनों को किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए । उन्होंने कहा कि वृद्धजनों के लिए एक हेल्प डेस्क स्थापित की जाए । वृद्धजनों के कल्याण की जो योजनाएं चल रही हैं, उनका लाभ दिलाया जाए। जिलाधिकारी ने कहा कि वृद्धाश्रम का प्रत्येक 15 दिवसों में निरीक्षण कर, वहां की व्यवस्थाओं के संबंध में निरीक्षण आख्या उपलब्ध कराई जाए । जिलाधिकारी ने वृद्ध आश्रम में दी जा रही सुविधाओं भोजन ,पानी के बारे में वृद्धजनों से फीडबैक लिया । पुलिस अधीक्षक एन के सिंह , सीडीओ केके वैश्य , एसडीएम सदर संजय कुमार मीणा , समाज कल्याण अधिकारी जागेश्वर सिंह मौजूद रहे।


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