बांदा, के एस दुबे । कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय कुलपति डा. यूएस गौतम ने बताया कि मशरूम उत्पादन रोजगार परक है। इससे न सिर्फ स्वरोजगार का बढ़ावा मिलेगा बल्कि दूसरों को रोजगार भी प्रदान करेगा। बुुंदेलखण्ड परिक्षेत्र में मशरूम का उत्पादन एवं उपभोग प्रदेश के अन्य क्षेत्रो के मुकाबले कम है। मशरूम एक अच्छा एवं सुगम प्रोटीन का श्रोत है, जो आसानी से हर घर को उपलब्ध हो सकता है। इसके उत्पादन हेतु बुन्देलखण्ड परिक्षेत्र की जलवायु अनुकूल है। वर्ष भर उत्पादन लेने के लिये कुछ संरचनाएं विकसित कर तथा वैज्ञानिक ढंग से उत्पादन करके आय सुनिश्चित की जा सकती है।
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| मशरूम उत्पादन के बारे में बातचीत करते कुलपति यूएस गौतम |
कुलपति गौतम ने बताया कि कृषि विश्वविद्यलाय तथा बुन्देलखण्ड उप्र के सभी जिलो मे स्थापित कृषि विज्ञान केन्द्रों द्वारा मशरूम उत्पादन किया जा रहा है। युवाओं को मशरूम उत्पादन को रोजगार के रूप मे अपनाने के लिए समय-समय पर प्रशिक्षित भी किया जाता है। इस कार्य के लिए विवि तथा कृषि विज्ञान केन्द्रों के वैज्ञानिक तकनीकी का प्रसार करते हुए आम जनमानस को जागरूक करने का भी कार्य कर रहे हैं। आवश्यकता है हमे वैज्ञानिक ढंग से प्रशिक्षण प्राप्त कर इसे सीमित क्षेत्र एवं सीमित संसाधनो से आगे बढ़ाने की। डा. गौतम ने कहा कि मशरूम उत्पादन के आधुनिक तथा वैज्ञानिक तकनीकी के प्रसार के लिये भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद, नई दिल्ली द्वारा कृषि विश्वविद्यालय में एक प्रायोगिक ज्ञान इकाई विकसित की गई है। इस इकाई के माध्यम से युवाओं तथा कृषकों के साथ-साथ अध्ययनरत छात्रों को प्रायोगिक ज्ञान दिया जा रहा है। स्थापित इकाई भविष्य मे निश्चित तौर पर रोजगार के लिए फलदाई परिणाम देगा।
मशरूम इकाई के प्रभारी वैज्ञानिक तथा पादप रोग विभाग के सहायक प्राध्यापक डा. दुर्गा प्रसाद ने बताया कि इकाई द्वारा सभी प्रकार के मशरूम जो समन्यतयः प्रचलित है जिसमे बटन मशरूम, ढींगरी मशरूम तथा मिल्की मशरूम का उत्पादन किया जा रहा है। डा. प्रसाद ने बताया कि अध्ययनरत छात्रों को मशरूम उत्पादन मे रोजगार विकसित करने के लिए इच्छुक छात्रो को प्रशिक्षण प्रदान किया जाता है। इसी क्रम में दिसंबर माह में एक प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम युवाओं, कृषको एवं इच्छुक व्यक्तियो के लिये प्रभावी होगा। पादप रोग विभाग के विभागाध्यक्ष डा. वीके सिंह ने बताया कि विश्वविद्यालय में आधुनिक तरीके का मशरूम इकाई विकसित किया गया है, जिसके माध्यम से सभी मशरूमों का उत्पादन आसान हो गया है। इस क्षेत्र के लिये यह मशरूम इकाई भविष्य में पथ प्रदर्शक होगा। वर्तमान में बटन मशरूम उत्पादन से संबंधित तैयारियां की जा रही हैं।


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