डेंगू के लक्षण दिखने पर, जल्द कराएं जांच
जिले में मिले 150 डेंगू के मरीज, इलाज से सभी हुए स्वस्थ
चित्रकूट, सुखेन्द्र अग्रहरी । जनपद में डेंगू के प्रसार को कम करने के लिए मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय में हेल्प डेस्क स्थापित की गई है। साथ ही मच्छर से बचने, पूरा शरीर ढ़कने वाले कपड़े पहनने और रात में मच्छरदानी का प्रयोग अवश्य करने की सलाह दी जा रही है| डेंगू के कोई भी लक्षण दिखने पर इसकी पुष्टि के लिए जल्द से जल्द जांच कराएं| यह कहना है मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. भूपेश द्विवेदी का सीएमओ ने बताया जनपद में अभी तक 150 डेंगू के मरीज मिल चुके हैं, और सभी इलाज के बाद स्वस्थ हैं| उन्होंने बताया कि डेंगू एक मच्छर जनित बुखार है| सिर्फ प्लेटलेट्स काउंट कम होने को ही डेंगू नहीं कह सकते,जब तक एलाइजा टेस्ट पॉजिटिव न आये|
उन्होंने बताया कि एडीज मच्छर के काटने से डेंगू होता है| यह मच्छर दिन में काटता है और बारिश के मौसम के बाद के महीनों में यह रोग फैलता है जिसका कारण मुख्य रूप से घरों में जल जमा होना होता है| ऐसे में जरुरी है कि मच्छरों को न पनपने दे| बुखार से पीड़ितमरीजोंकीमददकेलिएडेंगू हेल्प डेस्क बनायागयाहै, जिसमें डॉ. बिलाल अहमद, महामारी रोग विशेषज्ञ मोबाइल न 93 69 82 96 24 और सहायक मलेरिया अधिकारी आर के सिंह मोबाइल न. 97 94 47 46 62 को तैनात किया गया है| डेंगू से सम्बंधित परेशानी होने पर इन फोन नंबर पर सहायता ली जा सकती है| सीएमओ ने बताया निजी अस्पताल और पैथालॉजी संचालकों को सख्त हिदायद दी गयी है कि जब तक एलाइजा टेस्ट पॉजिटिव न आए तब तक रोगी को डेंगू बताकर उसे परेशान न करें| यदि कोई पैथालोजी या अस्पताल संचालक, मरीज को बिना एलाइजा पॉजिटिव आए डेंगू की रिपोर्ट देगा तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी|
नोडल एवं अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ.आर के चौरिहा ने बताया कि ठण्ड लगने के साथ अचानक तेज बुखार चढ़ना| सिर, मांस पेशियों तथा जोड़ों में दर्द होना| आँखों के पिछले भाग में दर्द होना जो आँखों को दबाने या हिलाने से और भी बढ़ जाता है| अत्यधिक कमजोरी लगना,भूख में बेहद कमी तथा जी मिचलाना| मुंह के स्वाद का खराब होना| गले में हल्का सा दर्द होना| शरीर में लाल ददोरे –रिश- का होना आदि डेंगू के लक्षण है| जिला मलेरिया अधिकारी लाल साहब सिंह ने बताया कि पूरे क्षेत्र में फॉगिन्ग के साथ मच्छर रोधी छिड़काव भी कराया जा रहा है। उन्होने बताया कि एडीज मच्छर साफ़पानीमेंपनपनताहै| इसके प्रजनन रोकने के लिए घरों के आस पास पानी एकत्रित न होने देने,गड्ढों को मिट्टी से भरे,रूम कूलर, फूलदान का पानी सप्ताह में एक बार पूरी तरह खाली करे, निष्प्रयोज्य टायर,डिब्बे व बोतलों को पानी से खाली करे,पानी टंकियों व बर्तन अच्छे से ढककर रखे, मच्छरों को भगाने व मारने वाली क्रीम, स्प्रे, मैट्स, क्वाइल और रात में मच्छरदानी आदि का प्रयोग करे|इसके साथ शरीर को पूरा ढ़कने वाले कपड़े पहने,जिससेकिमच्छर न काट पाए|
लक्षण के आधार पर इलाज
डॉ.आर के चौरिहा ने बताया कि डेंगू का कोई विशेष इलाज नहीं होता है| डेंगू का सिमटोमैटिक अर्थात लक्षण के आधार पर इलाज किया जाता है| यदि मरीज को बुखार है उसका इलाज,उल्टी है तो उसका इलाज और यदि कोई अन्य परेशानी है तो सम्बंधित दवा देकर उसका इलाज किया जाता है| मरीज को ग्लूकोज और पानी दें| इसके साथ रोगी को आराम करने दें|


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