खागा/फतेहपुर, मो. शमशाद । फाइलेरिया उन्मूलन अभियान दस अगस्त से चलाया जाएगा। सीएचसी हरदों अधीक्षक एसएस यादव ने कर्मचारियों से चर्चा कर बताया कि सर्वजन दवा सेवन (एमडीए) कार्यक्रम के अंतर्गत अभियान का संचालन होगा। उन्होंने कहा कि किसी भी अभियान को सफल बनाने के लिए सही रणनीति बहुत जरूरी है। आपसी समन्वय से हर कार्य को सफल बनाया जा सकता है। एमडीए कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए शिक्षा विभाग की अहम भूमिका होती है। शिक्षक स्कूलों में बच्चों और उनके अभिभावकों के साथ बैठक कर अभियान को बल देते हैं। बच्चों को फाइलेरिया व दवा सेवन के फायदे के बारे में बताया जाएगा। जिससे वह अपने घर परिवार वालों को दवा सेवन के महत्व के बारे में जानकारी दे सकें। बीते वर्ष 80 प्रतिशत लोगों ने दवा का सेवन किया था। यह संयुक्त प्रयास से संभव हो पाया था। इस बार भी मिलकर प्रयास करना है जिससे हर व्यक्ति को दवा का सेवन कराकर इसे शत-शत किया जा सके।
क्या है फाइलेरिया
फाइलेरिया एक दीर्घकालीन विकार है। इसके लक्षण संक्रमण के करीब पांच से 15 वर्ष के बाद ही दिखाई देते हैं। अधीक्षक ने बताया कि ये बीमारी दिन में किए गए जांच में नहीं हो पाती है। इसके लिए रात में जांच की जाती है। विभाग द्वारा रात्रिकालीन कैंप का आयोजन कर जांच की जाती है। उन्होंने बताया कि फाइलेरिया को आम लोग हाथी पांव के नाम से जानते हैं। इस बीमारी की वजह से व्यक्ति में दिव्यांगता भी हो सकती है। इससे बचाव के लिए अभियान के दौरान दवा का सेवन बहुत जरूरी है। दवा का सेवन स्वास्थ्य कार्यकर्ता के सामने करना होता है। यह बीमारी क्यूलेक्स प्रजाति के मादा मच्छरों के काटने से होती है। घरों के आसपास साफ-सफाई और मच्छरों से बचाव के उपाय भी इस बीमारी से बचाते हैं।


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