जिले में एक कार्डियोलॉजिस्ट की तैनाती होने से 29 लाख की आबादी के दिल के लाले
फतेहपुर, मो. शमशाद । मेडिकल कॉलेज से संबंध जिला अस्पताल में दिल की धड़कन का पता सिर्फ ईसीजी से हो पा रहा है। इकलौते कार्डियोलॉजिस्ट होने के कारण चिकित्सीय परामर्श, भी ठीक से नहीं मिल पा रहा है।जिस कारण हृदय रोगियों को इलाज के लिए कानपुर व लखनऊ जाना पड़ रहा है। मौजूदा वक्त जिला अस्पताल में हृदय रोगियों की नब्ज पकड़ने के लिए डॉ. राजीव तिवारी की तैनाती है। ईसीजी रूम के बगल में कार्डियोलॉजिस्ट का चेंबर है। जिसमें रोजाना बड़ी संख्या में लोग जुटते हैं। पिछले साल जिला अस्पताल को मेडिकल कॉलेज से से संबंधित अभी मिल चुकी है उसके बावजूद यहां पर अभी तक दिल के रोगियों की हकीकत पता करने वाले उपकरण नदारद हैं। ऐसे में यहां पर सिर्फ चिकित्सकीय परामर्श ही मिल पा रहा है। दिल की मौजूदा स्थिति क्या है इसे पता लगाने को प्राइवेट जांच केंद्र का सहारा लेना पड़ रहा है।
जिला अस्पताल में मशीनो का टोटा
फतेहपुर। जिला अस्पताल में हृदय रोग जांच के लिए सिर्फ ईसीजी मशीन का सहारा है। ठाकुर जोधा सिंह अटैया ठाकुर दरियाव सिंह मेडिकल कॉलेज से संबंध होने के बावजूद अभी तक जिले के सबसे बड़े अस्पताल में टीएमटी व टूडी इको मशीन तक की सुविधा नहीं मिल पा रही है। इन मशीन के जरिए मरीजों की हार्ट बीट मापकर हार्टअटैक का आंकलन किया जाता है । दिल की समस्या लेकर ओपीडी में आने वाले मरीजों का इलाज सिर्फ ईसीजी के सहारे चल रहा है।
सीने के दर्द को लेकर दौड़ रहे मरीज
फतेहपुर। जिले स्तर पर ह््रदय रोगियों के लिए ऐसा कोई सरकारी प्लेटफार्म मयस्सर नहीं। जिस पर एतबार किया जा सके। यही कारण है कि मामूली सीने का दर्द भी बड़ी समस्या का सबब बना नजर आता है।


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