प्रधानाचार्य के पद पर काम करने वाले को नहीं दिया जा रहा उस पद का वेतन
जल्द से जल्द शिक्षकों की समस्याओं का निराकरण किया जाना जरूरी
बांदा, के एस दुबे । उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ ठाकुरई गुट के पार्टी नेतृत्व के आह्वान पर प्रदेश भर के जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालयों में धरना देकर मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपा गया। यहां शिक्षकों ने डीआईओएस विजयपाल सिंह को ज्ञापन सौंपा गया। संघ के मंत्री केदार वर्मा ने कहा कि शिक्षक शिक्षकों की सेवा के साथ लगातार खिलवाड़ किया जा रहा है, यह बर्दाश्त नहीं होगा। प्रधानाचार्य के पदों पर काम करने वाले सदस्य प्रधानाचार्य को वेतन भी उस पद का नहीं दिया जा रहा है। संरक्षक डॉ. जानकीचरण शुक्ल ने कहा की प्रदेश के विभिन्न जनपदों में एनपीएस पूर्ण रूप से अपडेट हो चुका है, लेकिन यहां लगातार एनपीएस का काम पिछड़ रहा है। जिला अध्यक्ष बलराम ने कहा कि संगठन की ओर से मार्च-अप्रैल में महीने में में माह में जिला विद्यालय निरीक्षक से मुलाकात कर उन्हें जनपदीय समस्याओं का तत्काल निराकरण करने की अपील संगठन के द्वारा की गई थी, लेकिन आज तक कार्रवाई नहीं हुई।
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| डीआईओएस कार्यालय में धरने को संबोधित करते शिक्षक संघ पदाधिकारी |
संगठन की जिला मंत्री मोहम्मद बाकर ने कहा कि शिक्षकों के वेतन से हो चुकी एनपीएस की कटौती को पैसा नहीं जमा कराया जा रहा है। कई शिक्षकों का अभी भी प्राण नंबर आवंटन नहीं है। विद्यालय एवं कार्यालय स्तर पर एनपीएस का कोई भी पटल सहायक नियुक्त नहीं है। कई शिक्षक जो बाहर से या दूसरी सेवाओं को छोड़कर वह शिक्षक के रूप में काम कर रहे हैं, उनके वेतन से कटौती होने के बावजूद प्राण खातों में पैसा जमा नहीं हो पा रहा है। संस्कृत के शिक्षकों का जनपद में वेतन से तो एनपीएस की धनराशि की कटौती हो रही है परंतु पिछले कई वर्षों से सरकार के द्वारा अपना अंशदान एक भी रुपए आवंटन नहीं किया गया है। इसके साथ ही मुख्यमंत्री को प्रदेश स्तरीय शिक्षकों की मुख्य मांगों का ज्ञापन दिया गया है। इसके प्रमुख बिंदुओं में प्रदेश के सभी सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों का राजकीयकरण किया जाना प्रदेश के सभी शिक्षकों और कर्मचारियों को के लिए पुरानी पेंशन को लागू करना सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों और प्रधानाचार्य के ऑनलाइन निक रहित स्थानांतरण को नियमित करना उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग 2023 में संशोधन कर प्राथमिक माध्यमिक तथा उच्च शिक्षा के सभी शिक्षकों को पूर्व में चयन बोर्ड अधिनियम 1982 की धारा 21 की भांति सेवा सुरक्षा प्रदान करना प्रधानाचार्य की भर्ती चयन आयोग के द्वारा लिखित परीक्षा के माध्यम से कराया जाना, इंटर कालेज प्रधानाचार्य के लिए एलटी ग्रेड शिक्षकों को भी आवेदन का अवसर प्रदान करना एडिट माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षकों को कैशलेस चिकित्सा प्रतिपूर्ति की सुविधा प्रदान करना वर्ष 2014 से नियुक्त शिक्षक शिक्षकों की सामूहिक बीमा कटौती को फिर से शुरू करना प्रदेश के वित्त विभिन्न विद्यालयों में छात्र संख्या के सापेक्ष शिक्षकों का निर्धारण कर उनके ब्यूरो को मानव संपदा पोर्टल पर अपलोड करना सम्मानजनक वेतन व सुरक्षा देना तथा कर्मचारी भविष्य श्री योजना में कटौती शुरू करना, शिक्षा विभाग के सभी कार्यालय में ई-फाइलिंग व सिटीजन चार्टर को तत्काल लागू करना और मुख्यमंत्री के आदेश अनुसार प्रत्येक पटल पर अधिकतम तीन दिन में फाइलों का निस्तारण करना, जीएफ से आच्छादित शिक्षकों और कर्मचारियों का के खातों का रखरखाव ऑनलाइन माध्यम से किया जाना 13 फरवरी 2019 के शासनादेश के अनुरूप नियोक्ता सदन तथा ब्याज की धनराशि को शिक्षकों के प्राण खातों में निवेदिता करना, एनपीएस खातों से अग्रिम निकासी की करना चयन बोर्ड अधिनियम धारा 336 में विनियमित शिक्षकों को नियुक्ति तिथि से सेवाओं को जोड़ते हुए पुरानी पेंशन का लाभ देना, अधिनियम की धारा 21 दा के द्वारा सभी आलेख विषय विषयों को शासनादेश 28 जून 2024 के सापेक्ष पुरानी पेंशन योजना का विकल्प प्रदान करना चयन बोर्ड अधिनियम व नियमावली के समाप्त होने के कारण पदोन्नति की व्यवस्था को स्पष्ट करना, कला व्यायाम संगीत भाषा और शिल्प के शिक्षकों को प्रवक्ता पद पर 50 प्रतिशत कोटे में पदोन्नति किए जाने के लिए अभिलंब निर्देश जारी करना, वर्ष 2000 के पूर्व पक्ष नियुक्त सदर शिक्षकों एवं व्यवसाय शिक्षकों को विनियमित कर 9 नवंबर 2023 के शासनादेश को माननीय उच्च न्यायालय के स्थापना देश के कारण सभी सादर शिक्षकों का नियमित वेतन भुगतान करना, हाई स्कूल के प्रधानाध्यापक का पद नाम प्रधानाचार्य ग्रेड 2 तथा वेतन ग्रेड पे 66 00 तथा त्रिस्तरीय वेतनमान देना, दिव्यांग शिक्षकों और विकलांग और कर्मचारियों के विकलांग, वहां मटके की दरों पर पुनरीक्षण करना शिक्षकों को ग्रीस में अवकाश और किसी अवकाश के दिन कर पर बुलाए जाने पर अर्जित अवकाश दिया जाना, मथुरा वृंदावन नगर निगम के गठन के परिसीमन में आए विद्यालयों के शिक्षकों को नगर निगम क्षेत्र की भांति आवास भत्ता देना आदि मुद्दे शामिल हैं। धरना-प्रदर्शन में पुष्पेंद्र कुमार त्रिपाठी, संयुक्त मंत्री मनोज कुमार कुशवाहा, कोषाध्यक्ष राजेश सिंह समेत सभी शिक्षक पदाधिकारीगण मौजूद रहे।


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