व्यवस्थाओं को दुरुस्त रखे जाने के दिए निर्देश
बांदा, के एस दुबे । अपर जिलाधिकारी न्यायिक माया शंकर द्वारा उप जिलाधिकारी बबेरू के साथ तहसील बबेरू क्षेत्रान्तर्गत सहकारी समितियों का औचक निरीक्षण किया गया। क्रय विक्रय केन्द्र बबेरू मण्डी समिति बबेरू में संचालित है। निरीक्षण के दौरान मौके पर राजबहादुर आंकिक, श्री रामसागर सहयोगी व श्री राहुल सिंह चौकीदार उपस्थित पाये गये। आज दिनांक 20 अगस्त को प्रातः 10.00 बजे कुल 107 टोकन जारी कर वितरण किया गया। निरीक्षण के समय अपरान्ह लगभग 1.50 बजे तक मात्र 46 कृषकों को ही खाद का वितरण किया गया था। आंकिक द्वारा अवगत कराया गया कि कृषकों को अधिकतम 02 बोरी डी०ए०पी० का वितरण किया जा रहा है। पॉश मशीन
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| सहकारी समिति में निरीक्षण करते हुए अधिकारी। |
के अनुसार कुल 306 बोरी स्टाक में उपलब्ध है। उपस्थित कृषकों में कतिपय कृषकों द्वारा डी०ए०पी० की एक बोरी मु० 1360/-रू० एवं कतिपय कृषकों द्वारा मु० 1350/-रू0 में वितरित किया जाना बताया गया। बी-पैक्स बबेरू मध्य निरीक्षण के दौरान सचिव श्री जितेन्द्र सिंह, आंकिक श्रीमती संगीता देवी व सहयोगी श्री मोहनलाल उपस्थित पाये गये। सचिव द्वारा अवगत कराया गया कि कृषकों को 01 से 04 बोरी तक ही डीएपी का वितरण किया जा रहा है। पॉश मशीन के अनुसार मौके पर 76 बोरी डीएपी उपलब्ध है। मौके पर वितरण सुचारू रूप से व कम से होना पाया गया। कोई समस्या नहीं है। बी-पैक्स बबेरू दक्षिणी निरीक्षण के समय श्री जयचन्द्र सचिव, मयंक चौकीदार व राकेश कुमार सहयोगी उपस्थित पाये गये। अवगत कराया गया कि आधार कार्ड व खतौनी के आधार पर खाद का वितरण किया जा रहा है। पॉश मशीन के अनुसार स्टाक में डीएपी की 160 बोरी उपलब्ध होना चाहिए परन्तु मौके पर 120 बोरी ही पायी गयी। उपस्थित कुछ कृषकों द्वारा 1360/-रू० प्रति बोरी व कुछ कृषकों द्वारा 1350 रुपये प्रति बोरी की दर से डी०ए०पी० की बिकी किया जाना बताया गया। एक कृषक को 01 से 05 बोरी तक खाद उपलब्ध करायी जा रही है। आज दिनांक 20 अगस्त को निरीक्षण के समय तक कुल 60 कृषकों को खाद का वितरण किया गया। बी-पैक्स मुरवल निरीक्षण के समय रजनीश कुमार यादव आंकिक व श्री जितेन्द्र कुमार सहयोगी उपस्थित पाये गये। कोई भी कृषक मौके पर नहीं मिला। पॉश मशीन के अनुसार पांच बोरी डीएपी मौके पर उपलब्ध पाया गया। यूरिया पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। बी-पैक्स बड़ागाँव कृष्णपाल पटेल प्रभारी सचिव मौके पर उपस्थित पाये गये। कोई भी कृषक मौके पर नहीं मिला। पॉश मशीन के अनुसार 06 बोरी डीएपी मौके पर उपलब्ध पाया गया। प्रभारी सचिव द्वारा अवगत कराया गया कि दिनांक 28 जुलाई को 500 बोरी डीएपी आयी थी, वितरणोपरान्त मात्र 06 बोरी डीएपी अवशेष है। स्थलीय निरीक्षण में यह तथ्य पाया गया कि एक कृषक द्वारा एक दिन में 05 बोरी तक खाद प्राप्त करने के बाद पुनः दूसरे दिन भी उसी केन्द्र से या अन्य केन्द्र से खतौनी /आधार कार्ड के आधार पर खाद प्राप्त कर सकता है। किन्तु पॉश मशीन में ऐसा कोई प्रावधान नहीं है, जिससे यह ज्ञात हो सके कि सम्बन्धित कृषक द्वारा पूर्व में कितनी खाद प्राप्त की जा चुकी है। जिससे यह प्रतीत होता है कि कतिपय कृषकों द्वारा बार-बार खाद प्राप्त करने के कारण अव्यवस्थाएं उत्पन्न होती है।
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